कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा की तरफ से ज्ञापन सौंपते अध्यक्ष एसएन शुक्ल व अन्य
बस्ती। पुरानी पेंशन बहाली के लिए इंडियन पब्लिक सर्विस इंप्लाइज फेडरेशन के आह्वान पर कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट में धरना दिया। प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को संबोधित चार सूत्रीय ज्ञापन दिया गया।
जनपद के कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चे के तहत कर्मचारियों ने डीएम कार्यालय के सामने दिन भर धरना दिया। जिसमें कर्मचारियों नेताओं ने अपनी बात प्रमुखता से रखी और सरकार विरोधी नारे लगाए। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष कन्हैया सिंह ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली का मामला काफी समय से लंबित है, जबकि कर्मचारी रिटायर होने के बाद पेंशन से ही अपनी जरूरतें पूरी करता रहा है। ऐसे में सरकार को पुरानी पेंशन बहाल करके रिटायर कर्मचारियों की समस्याओं का निराकरण करना चाहिए। महामंत्री हेरंब त्रिपाठी ने कहा कि कई विभागों में आउटसोर्सिंग, संविदा, वर्कचार्ज व वित्तपोषित परियोजनाओं के साथ अनेक कर्मचारी जुड़कर अपना जीविकोपार्जन कर रहे हैं। उन्हें विनियमित कर उनके भविष्य को सुरक्षित करना आवश्यक है।
अशोक कुमार सिंह ने कहा कि इधर सरकारी संस्थाओं में निजीकरण की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। जो कर्मचारियों के लिए हितकर नहीं है। जबकि जब भी संक्रमण काल आता है तो राजकीय कर्मचारी ही सरकार के साथ चट्टान की तरह खड़े होते हैं। इसलिए सरकार को राष्ट्रीय वेतन आयोग गठित कर कर्मचारी की सभी विसंगतियों को दूर कर देना चाहिए। इस मौके पर राम स्वारथ चौधरी, उदयशंकर शुक्ल, इंद्रजीत त्रिपाठी, अनीस अहमद व शैलेंद्र कुमार राय समेत बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।