हर्रैया। गौर ब्लॉक के सेमरा ग्राम पंचायत में छह माह से सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान का लाइसेंस निलंबित है। इस बीच कोटा निरस्त करने के लिए बृहस्पतिवार को भाकियू कार्यकर्ताओं ने तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। धरने पर बैठे लोगों ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारी लोगों की समस्याओं के प्रति उदासीन रवैया अपनाए हुए हैं। इसके चलते लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
सेमरा गांव के कोटेदार के खिलाफ कार्डधारकों ने शपथ पत्र देकर अनियमितता की शिकायत की थी। आरोपी के खिलाफ कार्रवाई न होने पर भाकियू नेता साधू सिंह के साथ पहुंचे गांव वालों ने सितंबर 2017 में तहसील में प्रदर्शन किया था। इसके बाद एसडीएम के निर्देश पर हुई जांच में अनियमितता की शिकायत सही पाई गई। इसके बाद दुकान का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत गांव के कार्डधारकों को बगल के गांव के कोटेदार से संबद्ध कर दिया गया। कार्डधारकों को बगल के गांव में जाकर खाद्यान्न लेने में दिक्कतें हो रही हैं। गांव वालों ने प्रार्थना पत्र देकर गांव में कोटेदार के चयन का अनुरोध किया लेकिन अब तक कुछ नहीं किया गया।
भाकियू की तहसील इकाई के अध्यक्ष हरि प्रसाद चौधरी व बंधू चौधरी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने पिछले सप्ताह एसडीएम दिनेश कुमार से मिलकर 15 फरवरी तक कोटेदार का लाइसेंस निरस्त कर नए कोटेदार के चयन की मांग की थी। ऐसा न होने पर भाकियू ने आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी थी। इस बीच नए कोटेदार का चयन न होने से नाराज भाकियू कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को तहसील परिसर में धरना शुरू कर दिया।
तहसीलदार नवीन प्रसाद ने धरनास्थल पर पहुंचकर भाकियू कार्यकर्ताओं से बात भी की लेकिन मामला एसडीएम के स्तर की होने की बात कहते हुए वह वहां से चले गए। धरने देने वालों में राम नयन, कृष्ण चंद्र, बृजभान, दीप नरायन, राम सहाय, राज कुमार, गीता, आशा, संतराम आदि शामिल थे।