बस्ती। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए ठेकेदारों ने प्रदर्शन किया। ठेकेदारों ने एक्सईएन के खिलाफ अनियमितता बरतने का आरोप लगाया।
बुुधवार को तमाम ठेकेदार पीडब्लूडी दफ्तर पहुंचे। यहां पर ठेकेदारों ने पहले तो अधिशासी अभियंता के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
सके बाद भ्रष्टाचार को खत्म करने का आह्वान किया। यहां पर वक्ताओं ने कहा कि अधिशासी अभियंता ने पूरे दफ्तर में भ्रष्टाचार फैला रखा है। सोची-समझी साजिश के तहत वह ठेकेदारों को भी आपस में लड़वाने का काम करते हैं। आरोप लगाया कि जो काम वर्षों पहले हो चुके हैं और सड़क बन चुकी है।
उसका टेंडर निकाल करके उसका भुगतान अधिशासी अभियंता अपने चहेते ठेकेदारों को कर दे रहे हैं। बस्ती में प्रसारित राष्ट्रीय दैनिक समाचार पत्रों में टेंडर का विज्ञापन नहीं प्रकाशित करवाया जाता है। बल्कि गुपचुप तरीके से उन समाचार पत्रों में टेंडर का विज्ञापन निकलवाया जाता है, जो साप्ताहिक, मासिक या पाक्षिक होते हैं। यह समाचार पत्र स्थानीय न होकर बाहर के होते हैं। इस वजह से टेंडर निकलने की लोगों को जानकारी नहीं हो पाती है। जिसका फायदा उठा करके अपने चहेतों को ठेका दे दिया जाता है।
आरोप लगाया कि कुछ खास ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के मकसद से प्रस्तावित निविदा निकाली जाती है, जिसका टेंडर तक नहीं कराया जाता है और लाखों रुपये का भुगतान कर दिया जाता है। प्रदर्शन करने वालों में नरेंद्र सिंह, संजय जायसवाल, रवींद्र मिश्रा, गोविंदनाथ, हरिनारायण द्विवेदी, पिंटू, शत्रुघ्न पाल, गिरीश पाल, शंभूनाथ यादव, रामसूरत सिंह, अरुण कुमार मिश्रा, अजमतुल्लाह आदि मौजूद रहे। इस संदर्भ में अधिशासी अभियंता उपेंद्र नाथ प्रधान का पक्ष जानने की कोशिश की गई। मगर उन्होंने अपना मोबाइल नहीं उठाया।
ठेकेदारों की प्रमुख मांगें
- टेंडर का विज्ञापन स्थानीय दैनिक समाचार पत्रों में छपवाया जाय।
- मानक के अनुसार हो टेंडर की बिक्री।
- टेंडर के नोटिस को मानक की जगहों पर चस्पा किए जाएं।
- अनुबंध के माध्यम से दिये गये फर्मों के कामों की समीक्षा हो।
- प्रस्तावित निविदा को बंद किया जाय।