बस्ती। इस बार गर्मी में विद्युत कटौती से हुई किरकिरी के बाद शासन सख्त हो गया है। आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए अभी से खाका तैयार कर लिया गया है। जिले भर में स्थापित 18 हजार ट्रांसफाॅर्मरों के सुदृढ़ीकरण का कार्य प्रस्तावित है। प्रथम चरण में 495 छोटे-बड़े ट्रांसफाॅर्मरों पर यह कार्य शुरू होने वाली है। इनकी मरम्मत के साथ उसका सुरक्षा कवच भी तैयार किया जाएगा। ताकि गर्मी में अधिक भार बढ़ने पर ट्रांसफाॅर्मरों के फुंकने या उसमें यांत्रिक खराबी जैसे दोष न आने पाएं।
इस बार गर्मी में शहर से देहात तक बिजली ने खूब रुलाया है। सर्वे में पता चला कि ज्यादातर समस्या लोड बढ़ने के कारण ट्रांसफॉर्मरों में देखने को मिली है। ट्रांसफाॅर्मर फुंकने की घटना या उससे धुआं निकलने के बाद बंद होने के मामले ज्यादा सामने आए हैं। इसके अलावा खुले में ट्रांसफाॅर्मर होने के कारण शाॅर्ट सर्किट, फ्यूज उड़ने, पशु- पक्षियों के संपर्क में आने दगने जैसी घटना भी आम है।
इन खामियों को दूर करने के लिए विद्युत निगम ने व्यापक योजना तैयार की है। जिले के चार डिवीजन में स्थापित 18000 ट्रांसफाॅर्मरों का कायाकल्प किया जाना है। इसे ट्रांसफाॅर्मर सौंदर्यीकरण योजना का नाम दिया गया है। प्रथम चरण में 495 ट्रांसफाॅर्मरों पर सौंदर्यीकरण का कार्य शुरू होने वाला है। इसमें ज्यादातर शहरी क्षेत्र के ट्रांसफाॅर्मर शामिल हैं।
इस योजना के तहत ट्रांसफाॅर्मरों के कनेक्टर चेक किए जाएंगे। यदि उसमें कमी होगी तो उसे बदले जाएंगे। इसके अलावा डैमेज हो चुके लग, केबिल भी बदले जाने है। आयल लीकेज की स्थिति में टॉप कवर और पैकिंग नई लगाई जाएगी। एलटी केबिल बदलने के साथ अर्थिंग राॅड भी चेक किया जाएगा। इन बिंदुओं पर कार्य करने के उपरांत सुरक्षा गार्ड और बाहर खतरे के सूचक संबंधी बोर्ड भी लगाए जाएंगे।