- जिला अस्पताल व मेडिकल कॉलेज में पहुंच रहे काफी मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिले का लगातार खराब चल रहे प्रदूषण के स्तर के कारण सांस के रोगियों की परेशानी बढ़ रही है। जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज ही नहीं निजी अस्पतालों में भी इससे पीड़ित मरीजों की तादाद बढ़ गई है। डाॅक्टरों का कहना है कि शहर का एक्यूआई लगातार 170 से ऊपर होने की वजह से इनको दिक्कत हो रही है। रविवार को सुबह 187 और शाम को 164 दर्ज किया गया।
जानकार बताते हैं कि फसल की कटाई-मड़ाई से छोटे-छोटे कण उड़ रहे हैं। धूल के कण व अवशेष में आग लगने की घटनाओं के कारण उठने वाले धुएं से हवा की गुणवत्ता खराब हो रही है। धुएं में कार्बन मोनोऑक्साइड, कार्बन डाइऑक्साइड और पार्टिकुलेट मेटर (कालिख) होते हैं। जो सेहत के लिए बेहद खतरनाक माने जाते हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि वातारण में लेड और भारी मेटल प्रदूषित वायु में भारी मात्रा में मौजूद होते हैं।
यह मुख्य तौर पर जहरीले धुएं और राख में मौजूद होते हैं। इसके चलते फेफड़े और सांस लेने में समस्या होती है। जिला अस्पताल में आजकल सांस और सीने में संक्रमण के रोगियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। रोजाना 15-20 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के डाॅक्टर रजत पांडेय ने बताया कि इस समय सांस के रोगियों के लिए काफी परेशानी चल रही है। ठंड बढ़ने के साथ उनकी दिक्कतें बढ़ती जाएंगी। ऐसे में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
बचाव के उपाय
- मास्क पहन कर निकलें
- नाभि में सरसों का तेल लगाएं
- खाने में हरी सब्जियों, हल्दी का प्रयोग अधिक करें
- घर में व आस पास पौधे लगाएं
- अस्थमा है तो दवाइयां हमेशा साथ रखे।
- गर्भवती महिलाएं घर में भी मास्क पहनें