बस्ती। शहर के वार्डों की सूरत बदलने के लिए भले ही लाखों रुपये खर्च हुए हों, लेकिन अभी भी कई वार्ड ऐसे हैं जो विकास की दौड़ में पिछड़ गए हैं। इन्हीं वार्डों में से एक वार्ड नंबर 13 महरीखांवा। यहां कई परिवार ऐसे हैं जो शासन की योजनाओं से वंचित रह गए हैं। टूटी सड़कें, चोक नालियां और उनसे उठती दुर्गंध से लोग परेशान हैं, लेकिन जिम्मेदारों का ध्यान इस तरफ नहीं जा रहा है।
लगभग छह हजार की आबादी वाले इस वार्ड में प्रवेश करते ही टूटी सड़कें आपको दिख जाएंगी। जगह-जगह बिखरे कूड़े जहां स्वच्छता अभियान को मुंह चिढ़ा रहे हैं, वहीं, बांस-बल्ली के सहारे हो रही विद्युत आपूर्ति व्यवस्था की पोल खोल रही है। वार्ड की रीता देवी कहती हैं कि हलकी बारिश में भी उनके घर के सामने पानी भर जाता है। कहती हैं कि यदि खुद न सफाई की जाए तो कभी कूड़ा उठता ही नहीं। पूछने पर पता चला कि न तो एंटी लार्वा का छिड़काव हुआ है और न ही फॉगिंग हुई है। झोपड़ी में जीवन बसर कर रही रीता देवी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास के लिए आवेदन किए हुए कई माह बीत गए लेकिन कोई सुध लेने नहीं पहुंचा। कहती हैं कि चुनाव आने पर नेता पहुंचते हैं और बड़े-बड़े वादे करते हैं, जिसके बाद सब भूल जाते हैं। बताती हैं कि किसी तरह जीवन बसर कर रही हैं। अमित चौधरी ने कहा कि वार्ड में सफाई कर्मी नजर ही नहीं आते हैं, कहते हैं कि मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, और फॉगिंग तक नहीं हुई है। सुनील पांडेय ने कहा कि वार्ड की टूटी सड़कें किसी चुनौती से कम नहीं हैं। बताते हैं कि बारिश के सड़क के गड्ढों में पानी भर जाता है, पता ही नहीं चलता कि सड़क कहां हैं और गड्ढा कहां है। इसके चलते कई बार लोग चोटिल भी हो गए हैं। लेकिन कोई सुध लेने वाला नहीं है।
सभासद की सुनिए
वार्ड की स्थिति को लेकर सभासद पूनम शुक्ला कहती हैं कि वार्ड में सात सफाई कर्मियों की तैनाती है। सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाता है। बताती हैं कि रविवार होने की वजह से कूड़ा नहीं उठा होगा। जिसे साफ कराया जाएगा। कहती हैं कि नए बिजली के तार व नए पोल के लिए जिलाधिकारी व सदर विधायक को बहुत पहले अवगत कराया गया है। वार्ड के लिए कार्य योजना बनाई गई है, जिसे बोर्ड बैठक में रखा गया था। शासन स्तर पर स्वीकृति के बाद वार्ड में सड़क, नाली निर्माण सहित अन्य कार्य कराया जाएगा।
अधिकारी की सुनिए
नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी डॉ मणिभूषण त्रिपाठी कहते हैं कि वार्डों में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाता है। कहते हैं कि वे स्वयं निरीक्षण करते हैं। यदि किसी को कोई समस्या हैं तो उसका निस्तारण कराया जाएगा।