बस्ती। शहर का व्यावसायिक इलाका है पुरानी बस्ती। यहां वर्षों पहले बनी सड़क अतिक्रमण के चलतेे सिकुड़ गई है। व्यावसायिक क्षेत्र होने के कारण यहां सुबह से लेकर शाम तक भीड़ रहती है, मगर यहां अतिक्रमण पर कोई कार्रवाई आज तक नहीं हुई। ऐसे में पटरियों तक लोग अपना सामान आदि रखते हैं, जिससे दो चार पहिया वाहन आमने सामने से गुजरते ही जाम लग जाता है, जिससे पहिया थम जाता है।
यह बाजार वर्षों पुराना है। राजा बस्ती ने इसे बसाया था। राजा बस्ती के दक्षिण दरवाजे से बात शुरू करते हैं। यहां दोनों पटरियों पर दुकानदार अपने सामान आदि सजाते हैं, जिससे सड़क पर यात्रा मुश्किल होती है। आगे मंगल बाजार व नई बाजार में भी यही हाल है। सुबह तक सूनी सड़क आठ बजते-बजते बाजार में तब्दील हो जाता है। मंगल बाजार से लेकर पांडेय बाजार तक पटरियां व सड़क का तो चौड़ीकरण हुआ है, मगर अतिक्रमण के चलते यहां घंटों जाम लगा रहता है। मंगल बाजार व नई बाजार में व्यापारी अपना सामान आदि पटरियों पर सजाते हैं, इससे बचा तो ठेला व सब्जी वालों के कब्जे में पटरी आ जाती है। दिन भर यहां भीड़ दिखती है। बात पांडेय बाजार की करें तो नई बाजार से पांडेय बाजार के बीच रेलवे क्रॉसिंग है, जहां सड़क पर ही यात्रा संभव हो सकती है। क्योंकि पटरियों पर तो दुकानदार सामान व होर्डिंग रखकर कब्जा जमा लेते हैं। यही हाल पांडेय बाजार का है। यहां ट्रक व अन्य बड़े वाहनों की आमदरफ्त होती है, जिससे यात्रा में तमाम परेशानी आती है। नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी डॉ. मणिभूषण त्रिपाठी ने कहा कि पुरानी बस्ती में अतिक्रमण संज्ञान में है। इसके लिए व्यापारियों से बातचीत कर समाधान निकाला जाएगा। जरूरत पड़ी तो कार्रवाई भी की जाएगी।