पूर्वांचल राज्य की मांग के लिए पीआरजे का सांस्कृतिक परिषद गठित
बस्ती। पूर्वांचल राज्य की मांग के लिए रविवार को पूर्वांचल राज्य जनांदोलन के सांस्कृतिक परिषद का गठन किया गया। केंद्र सरकार को भेजे गए प्रस्ताव में उत्तर प्रदेश के पूर्वी अंचल के आठ मंडलों के 28 जिलों को शामिल करते हुए पूर्वांचल राज्य गठित किए जाने की मांग की गई। प्रस्ताव में राज्य का नाम कौशल रखे जाने और अयोध्या को राजधानी बनाए जाने की मांग की गई है।
पीआरजे संस्थापक मंडल की बड़ेवन स्थित कार्यालय पर हुई बैठक में पंडित राजेंद्रनाथ तिवारी, आचार्य जगदीश मिश्रा, जयेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. वीरेंद्र कुमार तिवारी, सुभाष शुक्ला व अखिलेश दूबे को सांस्कृतिक परिषद के संरक्षक मंडल में शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया। उस पर सभी सदस्यों ने अपनी सहमति दी। पीआरजे के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुज राही हिंदुस्तानी ने कहा कि पूर्वांचल राज्य का नाम कौशल रखे जाने और अयोध्या को राजधानी बनाने की मांग के लिए मौनी अमावस्या के पर्व पर 11 फरवरी को अयोध्या के राम की पैड़ी पर भव्य दीपदान कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
यह कार्यक्रम सांस्कृतिक परिषद की देखरेख में होगा। वहीं, आयोजन को सफल बनाने के लिए अखिलेश दूबे के दिशा निर्देशन में इक्कीस सदस्यीय संयोजक मंडल का गठन करते हुए अनुराग शुक्ला को मुख्य कार्यक्रम संयोजक का दायित्व दिया गया। संगठन के आह्वान पर अनेक सामाजिक व सांस्कृतिक संस्थाओं ने भी दीपदान कार्यक्रम में शामिल होने की स्वीकृति दी है। सखी महिला मंडल की अध्यक्ष नम्रता श्रीवास्तव ने बताया कि उनका संगठन दीपदान को सफल बनाने में जुट गया है। बैठक में पंकज पांडेय, अनुराग शुक्ला, नरेंद्र पूर्वांचली, विवेक मिश्रा, पंकज त्रिपाठी व अन्य उपस्थित रहे।