बस्ती। निजी अस्पतालों को अब रोजाना एआरवी और एआरएस की उपलब्धता की सूचना देनी होगी। इस संबंध में सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने सभी निजी अस्पतालों के संचालकों को पत्र जारी किया है। कुत्ता काटने का केस आने पर सभी निजी अस्पतालों में प्राथमिक इलाज के साथ ही रेबीज से बचाव के लिए एआरवी एंटी रेबीज वैक्सीन व एआरएस एंटी रेबीज सीरम की डोज लगानी होगी।
इसे देखते हुए निजी अस्पतालों में इनका स्टॉक होना अनिवार्य कर दिया गया है। विभाग ने फार्मेट भी जारी कर दिया है, जिस पर रोजाना सूचना देनी होगी। डॉग बाइट के बढ़ते मामलों व रेबीज फैलने से होने वाली जनहानि के लगातार सामने आ रहे मामलों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट की ओर से स्वतः संज्ञान लेते हुए आदेश जारी किया गया है। शासन की ओर से इसका अनुपालन कराया जा रहा है। इसके क्रम में संस्थाओं, कार्यालय, अस्पतालों के परिसर में छुट्टा पशुओं की आवाजाही पर रोक लगाने का प्रबंध किए जाने के साथ ही सरकारी व निजी सभी अस्पतालों में रेबीज से बचाव का इंजेक्शन एआरवी एसआरवी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया है।
शासन की ओर से कहा गया है कि सभी अस्पतालों में इनका स्टॉक हर समय उपलब्ध होना चाहिए। कुत्ता या रेबीज वाले किसी जानवर के काटने से घायल हुए किसी व्यक्ति के वहां पहुंचने पर इलाज से इंकार नहीं किया जा सकेगा। इसके लिए हर समय अस्पताल के स्टॉक में एआरवी व एसआरवी का होना अनिवार्य है। अस्पताल को यह बताना होगा कि उसके यहां कितना वॉयल इंजेक्शन उपलब्ध है।