एसडीएम के पहुंचने पर विवाद सुलझा
दुबौलिया। बैरागल में सोमवार की सुबह करीब 6:30 बजे सौ वर्षीय महिला की मौत के बाद परिवार के लोग शव लेकर दफन करने कब्रिस्तान में पहुंचे तो उसी समुदाय के एक व्यक्ति ने यह कहते हुए मना कर दिया कि यह कब्रिस्तान की जमीन नहीं है। मामला बढ़ता देख पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने समझाने का प्रयास किया। मगर, वह व्यक्ति शव न दफन करने के लिए अड़ गया।
बैरागल गांव की मैमुनिशा की रविवार की सुबह बीमारी से मृत्यु हो गई। छोटा बेटा याद अली पंजाब से आ रहा था, इसलिए रविवार को शव को दफन नहीं किया गया। सुबह परिजन कब्रिस्तान में पहुंच कर क्रब खोदने की तैयारी में जुटे तो गांव के इसरार हुसैन ने यह कहते हुए शव दफन करने से रोक दिया कि यह जमीन उसके घर का मुख्य रास्ता है। मौके पर पहुंचे उप जिलाधिकारी विनोद कुमार पांडेय ने नायब तहसीलदार व ग्रामीण से जानकारी ली। पता चला की वहां पहले से शव दफन होता है। उन्होंने तत्काल उसी कब्रिस्तान में शव दफन कराने के निर्देश दिए। नायब तहसीलदार कमलेद्र सिंह व दुबौलिया पुलिस की मौजूदगी में दोपहर बाद शव दफन किया गया। संवाद