बस्ती। नगर पंचायत नगर बाजार के मतदान के दौरान 96 मतपत्र गायब होने के मामले में सोमवार को आरोपी पीठासीन अधिकारी राजकुमार विश्वकर्मा (सहायक अध्यापक) व जिला पंचायत के लिपिक सत्येंद्र सिंह को निलंबित कर दिया गया।
मतगणना के दौरान नगर बाजार नगर पंचायत में 94 मत कम पड़ने पर हंगामा हुआ था। ये मतपत्र 14 मई की सुबह मतगणना टेबल के नीचे सफाई करते समय पाए गए। डीएम प्रियंका निरंजन के निर्देश पर एसडीएम आशुतोष तिवारी व यूपी सिडको के अधिशासी अभियंता सत्य प्रकाश सिंह ने तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था।
तहरीर में बताया गया है कि चार-चार टेबल पर नगर पंचायत नगर बाजार की अध्यक्ष व सदस्य पद की मतगणना हो रही थी। टेबल नंबर आठ में वार्ड संख्या छह बूथ नंबर आठ प्राथमिक पाठशाला भैंस बरहा के मतों की गणना में 48 मत अध्यक्ष और 46 मत सदस्य पद के कम पाए गए। सदस्य पद के प्रत्याशी राम नरेश चौधरी ने इस पर आपत्ति की। इस बीच सर्वाधिक 146 मत पाने वाले सदस्य को प्रमाणपत्र निर्गत हो गया और वह गणना केंद्र से जीत की खुशी मनाते हुए चले गए। इधर, 33 मतों से चुनाव हार रहे निकटतम प्रतिद्वंद्वी ने इसकी डीएम से शिकायत की तो गायब मतोंं की खोजबीन होने लगी। टेबल के नीचे झाड़ू लगवाने के बाद दो बंडल मिले, जिसमें गायब हुए 46 मत सदस्य और 48 मत अध्यक्ष पद के थे। दोनों बंडल के कुल मत पर कमल चिह्न पर मुहर लगी थी। डीएम ने इसकी जांच एडीएम कमलेश चंद्र वाजपेयी को सौंपी। जांच में पाया गया कि मतपत्रों के पीछे पीठासीन अधिकारी राजकुमार विश्वकर्मा के हस्ताक्षर हैं परंतु उनके ऊपर की स्लिप पर मतदाता के हस्ताक्षर या अंगूठा निशान नहीं लिए गए हैं। प्रथम दृष्ट्या यह प्रतीत होता है कि मतदान के समय इन मतपत्रों को चुराकर किसी पार्टी विशेष या प्रत्याशी को दे दिया गया था। जांच रिपोर्ट में पीठासीन अधिकारी सहायक अध्यापक राजकुमार विश्वकर्मा और मतदान अधिकारी जिला पंचायत के लिपिक सत्येंद्र सिंह को दोषी बताया गया है। डीएम के निर्देश पर दोनों को निलंबित कर दिया गया है।
डीएम प्रियंका निरंजन ने कहा कि आरोपी मतदान अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर के अलावा निलंबन की भी कार्रवाई की गई है। दोषी मतदान अधिकारियों के खिलाफ जांच चल रही है। यदि दोषी पाए गए तो अगली कार्रवाई भी होगी।