गर्भवती महिलाओं और अति कुपोषित बच्चों में कुपोषण मुक्त रखने के लिए पका हुआ गर्म भोजन देने की पहल शुरू हुई है। डीएम और सीडीओ द्वारा गोद लिए गांवों में शनिवार से ट्रायल शुरू हुआ।
नवीन योजना के तहत गर्भवतियों और सात माह से तीन वर्ष के अति कुपोषित बच्चों के पोषण स्तर में सुधार कर कुपोषण की समस्या को दूर करने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्म भोजन दिया जाएगा। इसके अलावा तीन वर्ष से छह वर्ष उम्र वाले अति कुपोषित बच्चों को शाम को उनके घर पर स्नैक्स और मौसमी देने का निर्णय लिया गया है।
इस उम्र के अति कुपोषित बच्चों को पहले से ही आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्म व पका पकाया भोजन दिया जा रहा है। सरकार की मंशा के अनुरूप शनिवार को योजना का ट्रायल शुरू हुआ। इसके लिए डीएम द्वारा गोद लिए कप्तानगंज ब्लॉक के सिक्टा और सांऊघाट ब्लॉक के मलिकपुरवा के साथ ही सीडीओ की ओर से गोद लिए गए सल्टौआ ब्लॉक के जगतापुर और रामनगर ब्लॉक के खम्हरिया पश्चिम का चयन किया।
13 दिन तक इन ग्राम पंचायतों में मौजूद आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत कुल 115 गर्भवतियों और 28 अतिकुपोषित बच्चों को योजना के ट्रायल में शामिल किया गया है। पहले दिन डीएम के गोद लिए गांव सिक्टा में डीएम नरेंद्र सिंह पटेल और एसपी कृपाशंकर सिंह ने गर्भवतियों और अति कुपोषित बच्चों को गर्म भोजन बांटा। इस मौके पर डीपीओ मनोज कुमार भी मौजूद रहे।
इसी प्रकार सीडीओ की ओर से गोद लिए गांव जगतापुर में सीडीपीओ मिथलेश बौद्ध और खम्हरिया पश्चिम में सीडीपीओ अनिल कुमार ने गर्भवतियों और अति कुपोषित बच्चों को गर्म भोजन कराया।