अधिकार व हक की लड़ाई के लिए प्रधानों को एकजुट होना होगा। केंद्र व प्रदेश स्तर तक यह संघर्ष करना होगा। बिना संघर्ष अधिकार मिलने वाला नहीं है। जब तक समान पंचायती व्यवस्था लागू नहीं हो जाती तब तक प्रधानों को उनका अधिकार नहीं मिलेगा। साथ ही 73 में संविधान संशोधन के तहत 29 अधिकार ग्राम पंचायतों को सौंपने की व्यवस्था होनी चाहिए। ये बातें प्रधान संघ के प्रदेश प्रवक्ता सुनील लाठर ने कहीं। वे गुरुवार को गौर ब्लाक सभागार में बुलाई गई प्रधान संघ की बैठक को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
कहा कि राज्य और केंद्र सरकार ग्राम पंचायतों को सीधे मुक्त फंड भेजने की व्यवस्था करें जिससे गांव सभा के लोग आपस में तय करें कि उनके गांव में कौन-कौन से कार्यों की आवश्यकताएं है। उन्होंने प्रधानों की आवाज को बुलंद करते हुए कहा कि पंचायत अधिकारियों को कमीशन देना बंद करें।
मंडल अध्यक्ष विजयपाल सिंह कहा कि केंद्र और प्रदेश की सरकार हमेशा प्रधानों का उत्पीड़न करती आ रही हैं। सरकार नहीं चाहती की प्रधान स्वतंत्र रूप से काम करें, क्योंकि गांव के मुखिया प्रधान को जिस दिन अपने अधिकारों की जानकारी हो जाएगी उस दिन राज्य एवं केंद्र सरकारों में लाखो रुपए के घोटाले नहीं होंगे। जिस तरह से गांव की जनता प्रधान के बजट का हिसाब रखती है। उसी तरह प्रधान भी राज्य व केंद्र सरकार के बजट का हिसाब किताब रखेंगे और देश व प्रदेश में ग्राम स्वराज का राज होगा। जिला प्रवक्ता अमित सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में प्रधान साथी ही सबसे मजबूत इकाई है। गौर ब्लॉक अध्यक्ष बिंदू यादव ने एकजुटता पर बल देते हुए कहा की जब तक हम एकजुट नहीं रहेंगे तब तक हम अपने हक की लड़ाई जीत नहीं पाएंगे।
इस मौके पर अशर्फी यादव, अली अहमद, अब्दुल मुतल्लिब, बुद्ध राम यादव, सुभाष तिवारी, पारस यादव, शैलेंद्र कुमार, रामप्रकाश वर्मा, सुनीता सिंह, मीना रानी यादव, रामभरोसे यादव, सूरज, पुष्पा यादव, रामकेश, गुड़िया देवी, राधा देवी, कंचन सिंह, अशोक कुमार, बद्री प्रसाद गुप्ता, हरिवंश श्रीवास्तव, कामिनी वर्मा, उर्मिला देवी, रामनरेश, रविंद्र कुमार उपाध्याय, रणधीर सिंह, ओम प्रकाश, विजयपाल यादव, दिनेश कुमार, अनीता, सावित्री, देवेंद्र नाथ श्रीवास्तव, राम रतन यादव, सरोज देवी, गयासुद्दीन सहित अन्य मौजूद रहे।