बस्ती। जिले में 27 से वर्तमान ग्राम प्रधान प्रशासन बन जाएंगे। प्रशासन के रूप में अभी कोई नीति विषयक निर्णय का अधिकार अभी निवर्तमान प्रधान को नहीं दिया गया है। इससे वित्तीय अधिकारी को लेकर संशय बरकरार है।
ग्राम प्रधानों के कार्यकाल को प्रदेश सरकार ने छह महीने के लिए बढ़ा दिया है। उन्हें ग्राम पंचायत का प्रशासक नियुक्त किया गया है। सरकार के इस निर्णय से प्रधान भी प्रसन्न हैं। उनका कहना है कि गांव में चल रहे विकास कार्यों में अब कोई अवरोध नहीं आएगा।
पंचायत चुनाव में देरी के कारण योगी सरकार ने पहली बार एक बड़ा फैसला लेते हुए, प्रधानों को ही प्रशासक के रूप में नियुक्त कर दिया है। जिले के 1185 ग्राम पंचायतों के प्रधानों का कार्यकाल मंगलवार को समाप्त हो रहा था। तत्काल चुनाव न होने की दशा में सरकार की ओर से या तो एडीओ पंचायत को प्रशासक नियुक्त किया जाता या फिर प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाते हुए उन्हें ही प्रशासक बना दिया जाता।
शासन ने सोमवार को ही एडीओ पंचायत को प्रशासक बनाने की बजाए ग्राम प्रधान को ही प्रशासक बनाने का निर्णय लिया और शाम तक प्रमुख सचिव पंचायती राज अनिल कुमार की ओर से आदेश जारी कर दिया गया।
अब सभी प्रधान प्रशासनिक भूमिका में अगले छह माह तक अपने-अपने पदों का कामकाज संभालते रहेंगे। प्रधानों का कहना है कि शासन ने एक अच्छा निर्णय लिया है। विकास कार्यों में निरंतरता बनी रहेगी।