बस्ती। बिजली निगम की कार्यप्रणाली का एक और मामला सामने आया है। बस्ती-अयोध्या हाईवे के पास रतासगढ़ गांव में करीब 10 वर्ष पहले दो करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया 33/11 केवी गोटवा विद्युत उपकेंद्र अब तक विभागीय अभिलेखों में दर्ज नहीं हो सका है। इसकी टैगिंग भी नहीं हुई है। उपकेंद्र को बिजली देने के लिए 33 केवी की अलग लाइन भी नहीं बनाई गई। ऐसे में नगर बाजार उपकेंद्र से आपूर्ति लेकर काम चलाया जा रहा है।
राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत नगर बाजार उपकेंद्र का भार कम करने के लिए गोटवा में नया उपकेंद्र बनाने का प्रस्ताव स्वीकृत हुआ था। वर्ष 2015 में रतासगढ़ गांव में करीब दो करोड़ रुपये की लागत से 33/11 केवी उपकेंद्र बनकर तैयार हुआ। उस समय केवल 11 केवी गोटवा फीडर का निर्माण किया गया था। परियोजना पूरी होने के बाद ठेकेदार ने इसे निगम को सौंप दिया, लेकिन उपकेंद्र को पूरी क्षमता से संचालित करने के लिए जरूरी कार्य आगे नहीं बढ़ सके।
करीब एक दशक बाद भी उपकेंद्र से जुड़े गांवों में आपूर्ति के लिए फीडरों का विस्तार नहीं हुआ। उपकेंद्र के लिए पृथक 33 केवी लाइन भी नहीं बनी। विभागीय रिकॉर्ड में टैगिंग नहीं होने के कारण ऑनलाइन व्यवस्था में भी गोटवा उपकेंद्र दिखाई नहीं देता है।
गोटवा निवासी रामशंकर के अनुसार, यूपीपीसीएल के टोल फ्री नंबर पर शिकायत करते समय गोटवा उपकेंद्र का नाम बताने पर कर्मचारी इस नाम का उपकेंद्र रिकॉर्ड में नहीं होने की बात कहते हैं। ग्रामीण दिवाकर ने बताया कि वर्तमान में नगर बाजार उपकेंद्र से ही आपूर्ति ली जा रही है, जबकि गोटवा उपकेंद्र को 132 केवी गिधई उपकेंद्र से आपूर्ति मिलनी चाहिए।
ग्रामीण अंबिकेश ने बताया कि क्षेत्र में दिनभर में कई बार ट्रिपिंग होती है। 24 घंटे में 15 से 20 बार तक बिजली गुल होने से उपभोक्ताओं को परेशानी होती है। उनके अनुसार मुश्किल से छह से आठ घंटे ही बिजली मिल पाती है और आपूर्ति भी लगातार नहीं रहती।
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उधार के जेई और एक मरम्मत गैंग के भरोसे उपकेंद्र
गोटवा उपकेंद्र पर स्थायी अवर अभियंता की तैनाती भी नहीं है। वर्तमान में गिधई उपकेंद्र के जेई प्रमोद कुमार को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। उपकेंद्र पर केवल एक मरम्मत गैंग तैनात है, जबकि विभागीय मानक के अनुसार तीन गैंग होने चाहिए। उपभोक्ताओं का कहना है कि शाम के समय फाॅल्ट आने पर कई बार मरम्मत अगले दिन हो पाती है।
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कटया में दो साल पहले बनी एलटी लाइन भी नहीं चली
गोटवा उपकेंद्र से जुड़े कटया-तेलियाजोत गांव में करीब दो वर्ष पहले 25 केवीए ट्रांसफार्मर लगाने के साथ एलटी लाइन का निर्माण कराया गया था। ग्रामीणों के अनुसार, लाइन बनने के बाद भी ट्रांसफार्मर चार्ज नहीं किया गया, जिससे इसका लाभ नहीं मिल रहा है। गांव में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी का आवास भी है। जेई प्रमोद कुमार ने बताया कि एलटी लाइन के चालू न होने की जानकारी उन्हें हाल में हुई है। इसे चालू कराने के लिए प्रयास शुरू कर दिया गया है।
कोट
गोटवा विद्युत उपकेंद्र के बारे में पता किया जाएगा। इस समय फील्ड वर्क का दबाव बहुत है। कई जगहों पर लाइन फाॅल्ट है, जिसकी वजह से व्यस्तता है। खाली होने के बाद संबंधित उपकेंद्र की जांच-पड़ताल करके उसकी टैगिंग कराई जाएगी।
-सुधांशु श्रीवास्तव, एक्सईएन, विद्युत वितरण खंड तृतीय।