संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सिद्धार्थ नगर जिले के रेहरा गांव में हाईटेंशन तार गिरने से हुई मां-बेटी की मौत के बाद भी विद्युत वितरण मंडल ने नगर और ग्रामीण क्षेत्र में झूलते और जर्जर तारों का संज्ञान नहीं लिया है। शहर से गांव तक यह तार कभी भी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। इन्हें टाइट करने को लेकर बिजली विभाग के अधिकारी कोई कदम नहीं उठा रहे हैं। ऐसे में गर्मी में स्थिति अधिक खराब हो सकती है।
मरम्मत और रखरखाव के अभाव में बिजली के तार ढीले हो चुके हैं। तेज हवा और खराब मौसम में लाइनों में फाल्ट आ जाता है। मानकों की अनदेखी कर एक-एक एलटी लाइन से सैकड़ों उपभोक्ताओं को रेवड़ी की तरह कनेक्शन बांट दिए गए हैं। शहर के बड़ेवन, ब्लॉक रोड, डमरुआ, गांधीनगर, तुर्कहिया, पुराना डाकखाना, पुरानी बस्ती, नई बाजार आदि क्षेत्रों में ढीले तारों को आसानी से देखा जा सकता है। यही हाल ग्रामीण क्षेत्रों में भी है। लटकते तारों के कारण किसानों को फसल बुवाई, कटाई और मड़ाई तक में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बभनान विद्युत उपकेंद्र के ग्राम पंचायत इटवा निवासी किसान राजेश बताते हैं कि खेत के ऊपर लटक रहे तारों के कारण जुताई करने में दिक्कतें आती हैं। बनकटी प्रतिनिधि के अनुसार, देईसाड़ उपकेंद्र के तहत आने वाले भगवत पट्टी से कथरूआ, देवकली से बानपुर हाईटेंशन लाइन के तार ढीले होकर लटक रहे हैं। कड़सरी गांव में बबलू दुबे के घर से हरिजन बस्ती तक, बालमुकुंद के घर से ट्रांसफार्मर तक और छतौरा गांव में काली स्थान से बेचन के खेत तक बिजली तार लटक रहे हैं। विद्युत वितरण मंडल अधीक्षण अभियंता एसके आर्या ने बताया कि गर्मी से पहले जर्जर तारों को बदलने की तैयार की जा रही है। जिन क्षेत्रों में तार ढीले हैं वहां उपभोक्ता संबंधित उपकेंद्र, उपखंड या अधिशासी अधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर इसे ठीक करा सकते हैं। यदि सुनवाई नहीं हो रही है तो सीधे मुझसे संपर्क करें। ढीले तारों को हर हाल में टाइट किया जाना है।
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गर्मी में और ढीले होंगे तार
जानकारों के अनुसार ठंड में धातुओं में सिकुड़न और गर्मी में प्रसार हो होता है। चूंकि बिजली के तार एल्यूमीनियम के होते हैं और एल्यूमीनियम एक धातु है। ऐसे में गर्मी में तारों में प्रसार (फैलाव) होगा। इससे वे और भी ढीले होकर लटकेंगे। तारों को यदि समय रहते टाइट नहीं किया गया तो दुर्घटनाएं हो सकती हैं।