बस्ती। बिजली विभाग के संविदाकर्मियों की हड़ताल का प्रकोप शहर वालों पर भारी पड़ रहा है। शनिवार को आवास विकास कॉलोनी में जंफर उड़ गया तो रविवार दोपहर तक बनाने वाला कोई नहीं मिला। बगैर बिजली के लोगों की दिनचर्या अस्त व्यस्त रही। वहीं अंधाधुंध कटौती से कस्बों और देहात क्षेत्रों में भी लोगों का बुरा हाल रहा। एसडीओ का कहना है कि बाहर से कुुछ लोग बुलाए जा रहे हैं। लेकिन कटौती के कारणों पर कोई भी अधिकारी कुछ कहने से बचते रहे। बस ऊपरी आदेश का हवाला देते रहे।
शनिवार से लेकर रविवार तक लोग बिजली के लिए जहां आवास विकास कॉलोनी के लोग तरसते रहे। बेलवाड़ाड़ी, रोडवेज, मालवी रोड आदि क्षेत्रों के लोगों का भी उमस भरी गर्मी में बुरा हाल रहा। बिजली न होने से रविवार को सुबह वाटर सप्लाई भी बाधित रही, जिसके कारण अधिकतर लोग नहा तक नहीं पाए।
रविवार को दिन में दो बजे बिजली सप्लाई शुरू हुई तो लोगों ने राहत की सांस ली। रुधौली प्रतिनिधि के मुताबिक तहसील क्षेत्र के रोजेदारो को खासा परेशानी उठानी पड़ रही है।15-16 घंटे का रोजा रखने के बाद पानी न मिलने पर नाराजगी बढ़ गई। विभागीय जिम्मेदारों को समस्या के बारे में कुछ पता ही नहीं है। गर्मी में शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के लिए 16 घंटे और शहरी क्षेत्र के लिए 20 घंटे की विद्युत आपूर्ति का शेड्यूल निर्धारित किया गया है। रमजान को देखते हुए शेड्यूल को परिवर्तित करते हुए रात में एक बजे से सुबह नौ बजे तक और दिन में दो बजे से रात दस बजे तक की व्यवस्था बनाई गई। जिसके बाद भी शनिवार को सुबह नौ बजे कटी बिजली रविवार तक नहीं आई जिसके कारण रोजेदारों के साथ अन्य लोगों को भी परेशानियां उठानी पड़ रही हैं।
नगर बाजार प्रतिनिधि के मुताबिक चौबाह फीडर से जुड़े आस पास के गांव में बिजली आपूर्ति बदहाल बिजली आने जाने का समय निश्चित नहीं है। दिन में तीन से चार घंटे तो रात में भी यही हाल है। उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली विभाग बिल पूरा जमा करता है और बिजली आपूर्ति अधूरी है।
मंत्रीजी के क्षेत्र में भी बुरा हाल
हर्रैया। देहात क्षेत्र में तीन दिन से बिजली आपूर्ति का बुरा हाल है। आने जाने का कोई समय तय नहीं रह गया है। प्रतिनिधि के मुताबिक रात में चार से पांच घंटे आपूर्ति मिल पा रही है लेकिन इस बीच कई बार ब्रेक डाउन से आपूर्ति बाधित होती है। दिन में 12 से पांच बजे तक आपूर्ति निर्धारित है। लेकिन ढाई बजे तक मात्र 10 मिनट के लिए आती है। टाउन एरिया में आपूर्ति भी निर्धारित से कम मिल रही है। रात में कभी नौ तो कभी 10 बजे आती है। देर रात दो बजे के करीब गुल हो जाती है। सुबह छह बजे आपूर्ति मिलती है। शेड्यूल 16 घंटे का है। हर्रैया विद्युत उपकेंद्र से चार फीडर को आपूति दी जाती है। महराजगंज, छावनी, बेलभरिया और टाउन। यहां लोवोल्टेज की समस्या भी बढ़ी है।
नहीं सुधरी व्यवस्था
चार दिन पूर्व बिजली उपकेंद्र कलवारी पर बिजली गिर गई थी। जिससे ट्रांसफॉर्मर, ओसीवी, पैनल आदि उपकरण जल गए थे। जिसके कारण नगर बाजार, कलवारी, और बैरागल फीडर के तहत करीब 250 गांवों की बिजली गुुल हो गई थी। घटना के चार दिन बाद भी अभी पूरी तरह से आपूर्ति व्यवस्था नहीं सुधर सकी। बिजली को लेकर लोगों में गुस्सा है। जेई का कहना है कि जल्द ही व्यवस्था में सुधार कर लिया जाएगा।
लो वोल्टेज के लिए उपभोक्ता दोषी
विद्युत विभाग के चीफ इंजीनियर पीसी गुप्ता का कहना है। मांग और आपूर्ति का रिकॉर्ड महीने का रहता है। उपभोक्ता दो किलो वाट के कनेक्शन पर पांच किलो वाट का इस्तेमाल करता है। ऐसी स्थिति के कारण ही लो वोल्टेज की समस्या बढ़ी है।
हड़ताल बनी बाधा
एसडीओ टाउन रितेश कुमार कौशिक का कहना है कि संविदाकर्मियों की हड़ताल के चलते फाल्ट नहीं ठीक हो पर रहा है। बाहरी कर्मचारी बुलाए गए हैं। इमरजेंसी रोस्टरिंग के कारण कटौती है जो कि हमारे वश में नहीं है। इस संबंध में जेई रुधौली लालबहादुर यादव का कहना है कि विद्युत आपूर्ति बाधित होने की समस्या मेरे संज्ञान में नहीं थी कर्मचारियों से बात कर समस्या का समाधान का प्रयास करता हूं।
संविदा कार्मियों का धरना समाप्त
बस्ती। उत्तर प्रदेश विद्युत संविदा मजदूर संगठन के तत्वाधान में अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर चल रहा धरना रविवार को शाम पांच बजे अधीक्षण अभियंता रवीन्द्र कुमार के आश्वासन पर समाप्त हो गया। अभियंता ने कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील किया। लेकिन कोई कर्मचारी अभी काम पर नहीं लौटा है। मंडल अध्यक्ष राम ललित चौधरी ने बताया कि हमारी मांगो को लेकर आश्वासन मिला है। लेकिन सोमवार को कार्यालय पर संविदा कार्मियों को जब तक लिखित में नहीं मिल जाता है। हम लोग मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन जारी रखेंगे।