लालगंज। थाना क्षेत्र के एक गांव से 21 दिसंबर को अपहृत की गई 19 वर्षीय युवती को पुलिस सात दिन बाद भी नहीं खोज पाई। जबकि इस मामले की मॉनिटरिंग खुद एसपी अभिनंदन कर रहे हैं।
अपहर्ता को खोजने के लिए पुलिस की टीमें भी गठित की गई हैं। उधर, युवती के भाई का कहना है कि सीओ का फोन उसके पास आया था। उन्होंने कहा है कि दो युवकों को बैठाकर पूछताछ की जा रही है। हालांकि, पुलिस इससे साफ इनकार कर रही है।
शिक्षिका बेटी के अपहरण के मामले में पुलिस के शुरुआती ढुलमुल रवैये और अपहर्ताओं की धमकियों से आहत होकर पिता ने बुधवार की रात को बाथरूम में फंदे से लटक कर जान दे दी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी हैंगिंग की पुष्टि हुई है। इसके बाद पुलिस की नींद टूटी। आनन-फानन गांव के ही मुख्य आरोपी समेत चार लोगों पर पुलिस ने अपहरण के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई तेज कर दी, मगर यह तेजी किसी काम की नहीं दिख रही है।
सूत्र बता रहे हैं कि युवती जिले के बाहर है। सर्विलांस सेल ने उसका और अपहरणकर्ता का लोकेशन भी पता लगा लिया था, मगर पुलिस के पहुंचने से पहले दोनों ने ठौर बदल लिया। इसके बाद से दोनों के मोबाइल फोन स्विच ऑफ जा रहे हैं। युवती के भाई का कहना है कि आरोपी दबंग किस्म के हैं। बहन का अपहरण तो कर ही लिया साथ में पिता का साया भी सिर से उठा दिया। भाई के चेहरे पर पिता को खोने का गम साफ दिख रहा है और अपहरणकर्ताओं के प्रति गुस्सा भी।
लालगंज के थानेदार संजय कुमार ने बताया कि पुलिस की कई टीमें लगातार अपना काम कर रही हैं। जल्द ही सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।