लखनऊ पुलिस के हवाले दामाद का हत्यारोपी
बस्ती। दामाद की हत्या कर शव ठिकाने लगाने के प्रयास में पकड़े गए ससुर को लखनऊ पुलिस के हवाले कर दिया गया। लखनऊ से आई ठाकुरगंज थाने की टीम ने बरामद की गई संदूक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आदि अन्य साक्ष्य कब्जे में ले लिया। मृतक कमाल अहमद के भाई ने ठाकुरगंज थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मगर बुधवार सुबह बड़ेवन पुलिस चौकी के पास कमाल का शव संदूक में रखा हुआ बरामद किया गया। संदूक के साथ हत्यारोपी निजामुद्दीन को भी पुलिस ने हिरासत में लिया था।
पुलिस को निजामुद्दीन ने बताया कि वह 2011 में सेतु निगम में अवर अभियंता पद पर रहते हुए बस्ती से ही रिटायर हुआ था। तीन जनवरी की रात वह रिश्ते में दामाद कमाल अहमद के घर लखनऊ के ठाकुरगंज गया। वहां रात में कमाल व निजामुद्दीन में झगड़ा हो गया। बताया जा रहा है कि रिटायर्ड जेई निजामुद्दीन और उसकी पत्नी ने मिलकर लोहे के रॉड से सिर पर गंभीर वार कर दिया जिससे उसकी रात में ही मौत हो गई थी।
घर के अंदर पड़ा रहने के कारण जब शव से दुर्गंध आने लगी तो मंगलवार/बुधवार रात तीन कंबल में लपेटकर शव को बड़ी संदूक में भर दिया। उसमें कुनैन व दुर्गंध दूर करने वाली गोली (ओडोनिल) भी रख दिया था। ताकि रास्ते में दुर्गंध न फैले और किसी को शक न हो। मगर बुधवार तड़के फोरलेन पर स्थित बड़ेवन पुलिस चौकी के पास संदूक उतारते समय पुलिस की नजर पड़ गई। पूछताछ में बक्से के साथ पकड़े गए निजामुद्दीन निवासी थाना ठाकुरगंज लखनऊ ने जो कहानी बताई उसे सुन पांव तले जमीन सरक गई। एसपी हेमराज मीणा ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार वालों को सौंप दिया गया है।
पता चला है कि उसके दामाद कमाल ने निजामुद्दीन से उसके रिटायर होने पर चार लाख रुपये उधार लिए थे जिसे वह वापस लौटाने में आनाकानी कर रहा था। इसे लेकर झगड़े व मारपीट में कमाल की मौत हो गई।
---