जिले में पांच जगह होगा रावण के पुतले का दहन
- शहर में बड़े वाहनों की नो-इंट्री से भीड़ को राहत, स्थानीय लोग परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। आश्विन मास के शुक्ल पक्ष दशमी तिथि पर मंगलवार को दशहरा पर्व को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं। शहर के अलावा कई घाटों पर देवी प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए सुरक्षा के प्रबंध किए गए हैं। वहीं विजय दशमी पर रावण दहन के समय जुटने वाली भीड़ काे नियंत्रित रखने के लिए भी पुलिस बल तैनात किया गया है। हालांकि, यहां पर रावण दहन का कोई बड़ा आयोजन नहीं हो रहा है, मगर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में मिलाकर पांच जगह रावण के पुतला दहन की सूचना है।
शहर में बढ़ रही दुर्गापूजा की भीड़ को देखते हुए गांधीनगर की तरफ जाने वाले दो पहिया छोड़कर सभी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। शाम पांच बजे के बाद कंपनीबाग और रोडवेज तिराहे से कोई वाहन गांधीनगर की तरफ नहीं आने पा रहे हैं। उन्हें मालवीय रोड की तरफ डायवर्ट कर दिया जा रहा है।
पुरानी बस्ती क्षेत्र के दक्षिण दरवाजा और करुआ बाबा चौराहे से मंगल बाजार की तरफ कोई भी वाहन नहीं जाने दिया जा रहा है। भीड़ को नियंत्रित करने और किसी दुर्घटना से बचने के लिए किए जा रहे इस प्रबंध से स्थानीय निवासियों और दुकानदारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस के बैरियर पर उन्हें अपनी दुकान या घर जाने के लिए छूट दिए जाने की सिफारिश करते देखा जा रहा है।
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आपात के लिए में क्यूआरटी रिजर्व
अलग-अलग तिथियों में होने वाले दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध करने के दावे किए गए हैं। किसी तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए रिजर्व पुलिस बल और क्यूआरटी टीम लाइन व सभी थानों पर अलर्ट स्थिति में मौजूद रहेगी। विसर्जन स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे और वीडियो रिकार्डिंग होगी। प्रतिमा के चारों तरफ सादे कपड़े में पुरुष और महिला पुलिस कर्मी नजर रखेंगे। इसमें आयोजन समिति के लोग भी सक्रिय सहयोग प्रदान करेंगे। एसपी गोपाल कृष्ण चौधरी ने दुर्गा पूजा मेले और विसर्जन को देखते हुए कंट्रोल रूम को पूरी तरह अलर्ट रहने के निर्दश दिए हैं। कंट्रोल रूम तक आने वाली हर छोटी-बड़ी को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
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विसर्जन जुलूस में डीजे पर रहेगी नजर
विसर्जन जुलूस के दौरान कानफोड़ू डीजे बजाने वालों पर पुलिस की खास नजर रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि आयोजकों और डीजे वालों को पहले से ही इसे लेकर आगाह किया गया है। इसके बावजूद अगर कोई अतिउत्साह में ऐसा करेगा तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। अव्यवस्था उत्पन्न करने वाले डीजे जब्त भी किए जा सकते हैं। सभी जुलूसों की वीडियो बनाने के निर्देश दिए गए हैं।