नवरात्रि में देवी के आगमन और विदाई के वाहन का खास महत्व
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। इस बार नवरात्रि में मातारानी का आगमन हाथी पर हुआ था और विदाई का वाहन मुर्गा है। ज्योतिषियों का मानना है कि मुर्गे की सवारी पर विदाई होने का विपरीत फल प्राप्त होने वाला होगा। जानकार बताते हैं कि इसके प्रभाव से लोक व्यवस्था अस्त-व्यस्त रहती है। लोगों में रोग और कष्ट बढ़ता है।
ज्योतिषाचार्य देवस्य मिश्र ने बताया कि यूं तो माता शेरोवाली की सवारी शेर है, लेकिन नवरात्रि में इनके आगमन के वाहन का विशेष महत्व माना गया है। उनके आगमन और प्रस्थान के दिन के हिसाब से वाहन तय होता है। देवी भागवत में नवरात्रि में मां दुर्गा जिस वाहन पर सवार होकर आती है उसी के हिसाब से उनका फल बताया गया है। यानी आदिशक्ति माता के वाहन से सुख समृद्धि का पता लगाया जा सकता है। माता की हर सवारी कोई ना कोई संकेत देती है।
रविवार या सोमवार को देवी भैंसे की सवारी से जाती हैं तो रोग और शोक बढ़ता है। शनिवार या मंगलवार को देवी मुर्गे पर सवार होकर जाती हैं तो दुख और कष्ट की वृद्धि होती है। बुधवार या शुक्रवार को देवी हाथी पर जाती हैं तो इससे बारिश ज्यादा होती है। गुरुवार को मां दुर्गा मनुष्य की सवारी से जाती हैं तो सुख और शांति की वृद्धि होती है।
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