बस्ती। साहब, ये लॉटरी का धंधा है...। इसका बुरा असर सिर्फ समाज पर ही तो है। खेलाने वाले और रखवाली करने वालों की तो बल्ले-बल्ले है। सब हाथोहाथ नकद का खेल है। सुबह से शाम तक लेन-देन के बाद अच्छी खासी बचत है। धंधेबाज भी मालामाल और एजेंटों की भी चांदी। फिर क्या पूछना। सुबह फिर उसी उत्साह के साथ धंधे में जुट जाना रोजमर्रा की बात है। यह हो भी क्यों न जब इस धंधे से पुलिस भी खुश है। तभी तो धर पकड़ नहीं होती है। धंधेबाज स्थानीय पुलिस को सलामी ठोक कर ही एजेंटों को दिन भर लाॅटरी का खेल चालू रखने का सिग्नल दे रहे हैं।
लाटरी का धंधा शहर में बदस्तूर जारी है। इस धंधे को संचालित करने वाले लोग तो कमाई कर रहे हैं। इससे बर्बाद हो रहे हैं तो बस अपने शहर वाले युवा, किशोर और मजदूर वर्ग। जो लाटरी की लत में अंधा हो गए हैं। पाकेट में 12 रुपये भी हुआ तो किस्मत आजमाने इनके अड्डे पर वे अपने आप चले आ रहे हैं। कहीं तुक बैठ गया तो एक घंटे बाद सौ बन भी जाता है। नहीं तो मामला फुस्स। फिर जुट जाए पैसों के इंतजाम में। पल-पल में चेहरे रंगत बदल देने वाला यह गोरखधंधा थमने का नाम नहीं ले रहा है। पुलिस हाथ डालने से कतरा जाती है। पुलिस का बस दो टूक जवाब कि उनके पास कोई लिखित शिकायत नहीं है। उलटे पुलिस का ही सवाल कि कैसे, कहां और किसको पकड़ लें? वहीं यदाकदा धंधेबाजों से अनबन होने पर संबंधित क्षेत्र के लाॅटरी एजेंट या तो पुलिस के डर से भूमिगत हो जाते हैं या फिर पकड़ लिए जाते हैं। लेकिन यह तभी होता है जब पुलिस से सेटिंग में कुछ कमी रह जाती है। वरना, बिना डर भय के यह खेल चलता रहता है।
अमर उजाला अखबार में लगातार दो दिनों से स्थल की तस्दीक करती हुई लाॅटरी के धंधे की रिपोर्ट प्रकाशित होने के बाद भी पुलिस अनसुनी बनी हुई है। बुधवार को करूआ बाबा चौक के निकट न्यू काॅलोनी गली में लक इंडिया लाॅटरी का धंधा जारी रहा। यहां लाॅटरी खेलने के आदी हो चुके लोगों का आना-जाना बना रहा। इतना जरूर है कि एजेंट थोड़ा सहमे हुए थे। आने वाले लोगों को तुरंत वापस भेज दिया जा रहा था। केवल एक से दो की संख्या में ही उक्त स्थल पर लोग मौजूद रहे ताकि कोई कुछ समझ न पाए। स्पष्ट था कि उन्हें भीड़ न जुटाने की कहीं से हिदायत थी। चोरी-चुपके बड़ेवन, रौतापार, गांवगोड़िया, भटोलवा आदि अड्डों पर भी लाटरी का अवैध धंधा चलता रहा। पुलिस कहीं भी किसी के धरपकड़ के प्रयास में नहीं थी।
आईजी रेंज ने लिया संज्ञान, एसओजी को सौंपेंगे जिम्मेदारी लाॅटरी के इस गोरखधंधे का संज्ञान आईजी रेंज आरके भारद्वाज ने लिया। उन्होंने बताया कि शहर में खुलेआम लाॅटरी का धंधा चिंताजनक है। इसमें लिप्त लोगों की धर-पकड़ के लिए जिले की एसओजी को निर्देश दिए जाएंगे। एसओजी जल्द ही धंधेबाज और एजेंटों को पकड़ने में कामयाब होगी। लाॅटरी और जुआ के धंधे हर हाल में बंद कराए जाएंगे। इसके अलावा जिन पुलिस कर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई जाएगी उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।