बस्ती। जिले के अमारी बाजार के एक होटल व्यवसायी के अपहरण कर पिटाई करने के मामले का राज बहुत जल्द खुल सकता है। पुलिस अपना काफी वर्क कर चुकी है। घटना में इस्तेमाल दोनों चार पहिया वाहनों का विवरण पुलिस ने जुटा लिया है। वाहन स्वामी भी ट्रेस हो चुके हैं।
वाहन स्वामी आरोपियों के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। रिश्तेदारों और करीबियों के जरिये पुलिस आरोपियों के भी इर्द-गिर्द मंडराने लगी है। पुलिस का दावा है कि वारदात को अंजाम देने वाले बहुत जल्द पुलिस के शिकंजे में होंगे।
अपहरण कांड के तीन नामजद आरोपी और आठ-दस अज्ञात लोग सप्ताह भर से पुलिस को छकाते नजर आ रहे हैं। एसपी अभिनंदन ने आरोपियों को पकड़ने के लिए एसओजी, स्वॉट और पैकोलिया थाना समेत टीमें लगाई है। आरोपी पुलिस को चकमा देने के लिए लगातार लोकेशन बदल रहे हैं। नामजद आरोपियों की मोबाइल भी स्वीच ऑफ जा रही है। पुलिस भी इन्हें पकड़ने के लिए हर दिन पैतरा बदल रही है। पुलिस ने सबसे पहले घटना में इस्तेमाल किए गए हैरियर एवं नेक्सान कार का विवरण खोजा। इसके आधार एक वाहन स्वामी राममूर्ति को एक दिन पहले अयोध्या से उठाया गया। संबंधित वाहन स्वामी पूर्व में जिला पंचायत सदस्य भी रह चुके हैं। वह छावनी थाना क्षेत्र के औरंगाबाद के रहने वाले हैं।
बताया जा रहा हैं कि घटना में शामिल एक नामजद आरोपी इनका सगा संबंधी है। इसके अलावा अन्य आरोपियों के भी करीबी और परिजन पूछताछ के लिए हिरासत में रखे गए हैं। इन करीबियों के जरिये पुलिस को काफी कुछ जानकारी हासिल हो चुकी है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस उनके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी भी कर रही है।
सूत्रों के अनुसार आरोपियों की लोकेशन पहले बस्ती में मिली थी। पुलिस के पहुंचने पर वह गैर जनपद फरार हो गए। इसके बाद पुलिस टीमें अयोध्या, गोंडा और अकबरपुर जिले में संभावित ठिकानाें पर छापेमारी कर रही है। थानाध्यक्ष पैकोलिया का कहना है कि नामजद तीनों आरोपी बहुत जल्द पकड़ में आ जाएंगे। इनके जरिये घटना में शामिल अज्ञात लोगों की भी गिरफ्तारी की जाएगी।
वर्चस्व स्थापित करने के लिए दिखाए थे दबंगई : पुलिस का कहना है कि घटना में नामजद बांसगांव अजगरा निवासी विनोद चौधरी, सोनू चौधरी, नगरा बदली गांव निवासी आदित्य वर्मा अपने आठ-दस साथियों के साथ होटल व्यवसायी हरिकेश यादव को बीच बाजार में जबरन मारपीट कर गाड़ी में बैठाकर ले गए थे। इसके पीछे दबंगई दिखाने और क्षेत्र में वर्चस्व स्थापित करने का मकसद था। पुलिस इन आरोपियों को बख्शने के मूड में नहीं है। इसलिए पुलिस ने उनके पीछे जाल बिछा दिया है।