उदयपुर की घटना क ो देखते हुए पुलिस सतर्क
बस्ती। कानपुर, प्रयागराज आदि शहरों में पिछले दिनों हुई पत्थरबाजी के बाद राजस्थान के उदयपुर में सिलाई करने वाले की निर्मम हत्या को देखते हुए पुलिस हाई अलर्ट पर है। सभी छोटी-बड़ी राजनीतिक, धार्मिक व अन्य सामूहिक गतिविधियों पर कड़ी नजर है। खासकर सोशल मीडिया पर भड़काऊ व आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों पर सख्त निगरानी रखी जा रही है। पुलिस के सोशल मीडिया सेल की तरफ से बृहस्पतिवार को एडवाइजरी जारी की गई है।
एसपी आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि समाज में कटुता पैदा करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शुक्रवार को जुमे की नमाज को लेकर भी खास एहतियात बरती जा रही है। इससे पहले शासन स्तर से इस घटना की आड़ में किसी भी तरह का जुलूस निकालना प्रतिबंधित किया गया है। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस गश्त कर रही है। इसके साथ ही किसी भी धार्मिक स्थल से कोई छेड़छाड़ न हो इसको सुनिश्चित कराया जा रहा है। सोशल मीडिया पर पुलिस का साइबर सेल नजर बनाकर रखे हुए है। कोई भी व्यक्ति गड़बड़ी करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की पूरी तैयारी है। एसपी ने कहा कि अगर किसी को कोई समस्या है तो वो वह सक्षम स्तर से अनुमति लेकर ज्ञापन दे सकते हैं। वहीं, राजनीतिक संगठनों से पुलिस ने अपील की है कि वह ऐसा कुछ न करे जिससे आपसी कटुता बढ़े। एसपी ने बताया कि सभी थानाक्षेत्रों में पैदल गस्त और पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। सीओ और थानाध्यक्षों को ज्यादा से ज्यादा फील्ड में मौजूद रहने को कहा गया है। छोटी-छोटी सूचनाओं को बिना नजरअंदाज किए एक्शन लेने को कहा गया है।
-----------
सोशल मीडिया पर रहेगी पुलिस की निगरानी
- किसी भी धर्म, मजहब के प्रति गलत, अमर्यादित,आपत्तिजनक टिप्पणी न करें। ऐसा करना कानूनी अपराध है। ऐसा करने वालों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
- सोशल मीडिया पर कोई भी मैसेज बिना जांचे फॉरवर्ड न करें, वह मैसेज एक अफवाह और गलत खबर हो सकती है। जिसके लिए ऐसा करने वाले के ऊपर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
- कोई भी ऐसा वीडियो या फोटो फॉरवर्ड न करें, जिससे कि दो वर्गों या धर्म मजहब के बीच आपसी वैमनस्यता/ कटुता बढ़े।
- सोशल मीडिया पर पुलिस लगातार निगरानी बनाए हुए है। ऐसे लोगों पर नजर रखी जा रही है जो गलत टिप्पणी कर रहे हैं। ऐसा करने वालों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।