बस्ती। गांवों में भू-जल को और सुरक्षित करने की दिशा में पहल हुई है। तालाबों को प्लास्टिक मुक्त बनाने के साथ ही ग्रे-वाटर प्रबंधन की कार्रवाई की जानी है। इसके लिए ग्राम पंचायतों से एडीओ पंचायत के जरिये प्रस्ताव मांगे गए हैं। पहले चरण में जनपद में 100 गांवों में प्लास्टिक मुक्त मॉडल तालाब विकसित किए जाने की योजना है।
शासन स्तर पर हाल ही में हुई वर्चुअली मीटिंग में 100 ऐसे तालाबों को चिह्नित कर उसे प्लास्टिक मुक्त मॉडल तालाब के रूप में विकसित किया जाना है जहां के तालाब अपना अस्तित्व खोते जा रहे हैं। यह कार्य पंचायतीराज विभाग के जरिये किया जाना है। शासन ने लक्ष्य जारी करतु हुए जल्द कार्रवाई शुरू करने के लिए कहा है। जिस पर पंचायतीराज विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। ग्रामीण क्षेत्रों में मेरा तालाब, मेरी जिम्मेदारी अभियान के तहत पहले चरण में जारी लक्ष्य के अनुसार ब्लॉकों में एडीओ पंचायत चयन की कार्रवाई शुरू कर दिए हैं। इस बाबत निदेशक पंचायतीराज अमित कुमार सिंह ने डीपीआरओ से ग्राम पंचायतों का चयन करके डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) उपलब्ध कराने के लिए कहा है।
शासन की पहल से सुधरेगी दशा : ग्रे-वाटर (रसोई, स्नान, वाशिंग मशीन का अनुपचारित पानी) का उचित प्रबंधन जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण और पर्यावरणीय स्वच्छता के लिए अत्यंत जरूरी बताया गया है। यह ताजे पानी की खपत कम करता है, पानी का बिल बचाता है और जलजनित रोगों के प्रसार को रोकने में मदद करता है।