फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उपेक्षा : 11 सौ मीटर पालिका की सड़क पर गड्ढ़े ही गड्ढे

विज्ञापन
पचपेडिया से हाईवे जोड़ने वाली सड़क गड्ढे में तब्दील। - फोटो : BASTI
विज्ञापन
11 सौ मीटर पालिका की सड़क पर गड्ढ़े ही गड्ढे
विज्ञापन

बस्ती। फोरलेन को शहर से जोड़ने वाले पचपेड़िया मार्ग के निर्माण पर ग्रहण लगा है। करीब 1100 मीटर नगर पालिका की इस सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे हैं। वर्ष-2016 में निर्माण के दौरान कुछ कार्य तो कराया गया, मगर कुछ बगैर कार्य कराए ही भुगतान ले लिया गया। शहर से अधिकांश दो व चार पहिया वाहन हाईवे पर जाने के लिए पचपेड़िया मार्ग का उपयोग करते हैं।
इसके अलावा इस मार्ग से कई स्कूलों की बसें बच्चों को लेकर आती-जाती हैं। यहां शहर के दो नामचीन स्कूल भी हैं। इन स्कूलों के बच्चे इसी मार्ग पर पैदल, साइकिल व बाइक से आते-जाते हैं। स्थितियों को देखते हुए तत्कालीन नगर पालिकाध्यक्ष अशोक कुमार गुप्ता ने पालिका क्षेत्र में पड़ने वाले इस मार्ग निर्माण के लिए 80 लाख रुपये के प्रस्ताव पर मुहर लगाई। शासन ने प्रथम किस्त 40 लाख रुपये तत्काल भेज दिया, जिसके तहत कार्य शुरू हो गया। मार्ग पर दोनों ओर नाला निर्माण के अलावा सड़क बनाने का कार्य शुरू हुआ, मगर गुणवत्ता विहीन कार्य को लेकर नागरिकों ने आपत्ति शुरू कर दी। जांच-पड़ताल के बाद दोबारा निर्माण की रस्म अदायगी संबंधित ठेकेदार ने पूरी कर दी। निर्माण के दौरान यहां करीब सौ मीटर सड़क को बगैर बनाए ही केवल मरम्मत कर भुगतान के लिए फाइल चला दी गई। इसके बाद राजनीतिक दबाव में तत्कालीन अध्यक्ष व पालिका के जिम्मेदारों ने जितना धन आवंटित हुआ था, उसका भुगतान कर दिया। नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी अखिलेश त्रिपाठी कहते हैं कि मार्ग निर्माण के लिए ढाई करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलने पर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

अक्सर होती है दुर्घटनाएं
शहर निवासिनी अंजली सिंह कहती हैं कि पचपेड़िया मार्ग से यात्रा करने का मतलब है कि दुर्घटना तय है। क्योंकि सड़क के प्रवेश द्वार से सौ मीटर तक बड़े-बड़े गड्ढे हैं, जहां बच्चे अक्सर गिर जाते हैं। आराधना ने कहा कि वे इसी मार्ग से एक डिग्री कॉलेज में पढ़ाई के लिए जाती हैं। हमेशा जान जोखिम में रहता है। रितु कहतीं हैं कि जन प्रतिनिधियों की उदासीनता के चलते इस मार्ग का उद्धार नहीं हो पा रहा है। अक्सर लोग यहां चोटिल हो जाते हैं। मोनिका ने कहा कि यह महत्वपूर्ण मार्ग है। इसका निर्माण जल्द होना चाहिए। हर दिन यहां से सैकड़ों की संख्या में स्कूली बच्चे आते-जाते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें