बस्ती। प्रशासन के सामने चुनाव कार्य में लगे चार पहिया वाहनों में ईंधन भराने की समस्या खड़ी हो गई है। पिछले चुनावों का बकाया भुगतान न होने के कारण पेट्रोल पंप मालिकों ने ईंधन देने से मना कर दिया है।
इन पेट्रोल पंपों का 2009 और 2014 लोकसभा और 2012 विधानसभा चुनाव का 15,15,989 रुपये बकाया है। सबसे अधिक बकाया वर्ष 2014 में हुए लोकसभा चुनाव का 12,13,628 रुपये बकाया है।
बकाए के भुगतान के लिए पेट्रोल पंप मालिकों की ओर से कई बार डीएसओ को पत्र लिखा जा चुका है। हालांकि सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी जगजीत वर्मा का कहना है कि निर्वाचन आयोग को निरंतर डिमांड भेजी जा रही है। आयोग से बजट मिलते ही बकाए का भुगतान का भुगतान कर दिया जाएगा।
पंचायत चुनाव के कार्य में लगाए वाहनों के ईंधन के लिए अन्य चुनाव की तरह जब डीएसओ ने पेट्रोल पंप संचालकों से क्रेडिट कूपन यानी ईंधन मिलने वाला परमिट मांगा तो संचालकों ने यह कर हाथ खड़े कर दिए कि जब तक बकाए का का भुगतान नहीं होता तब तक क्रेडिट कूपन जारी नहीं किया जाएगा।
संचालकों ने कहा कि उनका वर्ष 2009 का बकाया है। डीएसओ पूरन सिंह के समझाने के बावजूद संचालक नहीं माने। कई संचालकों ने कहा कि चुनाव से संबंधित अन्य मदों में खर्च होने वाले का भुगतान तो कर दिया जाता है, मगर ईंधन का भुगतान नहीं किया जाता।
इन पेट्रोल पंपों का है बकाया
परशुराम चौधरी दोनों लोकसभा और विधानसभा का 3,21,994 रुपये।
सागर आटोमोबाइल्स दोनों लोकसभा का 4,03,513 रुपये।
आलोक ट्रेडिंग कंपनी वर्ष 2014 लोकसभा चुनाव का 3,09,796 रुपये।
आरकेबीके दोनों लोकसभा चुनाव का 3,29,884 रुपये।
सरस्वती फीलिंग सेंटर वर्ष 2014 लोकसभा चुनाव का 1,48,799 रुपये।