ठोकर पर पूजा-पाठ करतीं महिलाएं।
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दुबौलिया। सरयू नदी के जलस्तर में घटने और बढ़ने का क्रम जारी है। सोमवार को नदी खतरे के निशान से 59 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी। इससे कटान का भी दायरा बढ़ गया है। इससे घबराए तटवर्ती गांवों के लोग पूजा-पाठ शुरू कर दिए हैं।
जिले के अति संवेदनशील तटबंध कटरिया-चांदपुर की हालत सामान्य हुई तो टकटकवा रिंग बांध पर नदी का दबाव बढ़ने लगा। उमरिया-मोजपुर रिंग बांध पर कटान के चलते खतरा मंडरा ही रहा है बांध का अस्तित्व भी खतरे में नजर आ रहा है। बांध के समीप जबरदस्त कटान से दर्जनों गांव के लोग सहम गए हैं। रिंग बांध की जर्जर स्थिति है ही समीप में धारा की कटान तेज हो गई है। नदी कटान करते हुए रिंग बांध की तरफ बढ़ रही है। दिलासपुरा गांव के लोग कटान के कारण गृहस्थी का सामान समेटने लगे हैं। गांव के धीरेंद्र अमरकेश, कामता आदि ने बताया कि कटान की गति यही रही तो गांव दो दिनों में नदी में समा जाएगा। पहड़वापुर गांव के पास बने ठोकर पर पूजा पाठ व कड़ाही चढ़ा कर सरयू मां से मनौती मांगी जा रही है। महिलाओं का कहना था कि सरयू माता पांच साल पहले जहां थी, वहीं अपने स्थान पर चली जाएं, इसीलिए हमलोग पूड़ी और लपसी चढ़ा कर मनौती मांग रहे हैं। पानी से घिरे गांव सुबिका बाबू, टेढ़वा खजांची पुरवा, विशुनदास पुरवा के लोगों की दुश्वारियां बढ़ती जा रही हैं। अशोकपुर के बरदिया लोहार का पुरवा, पहिया माफी, सरवरपुर भुवरिया आदि गांवों में घुटने भर पानी है।