सीवीओ बोले-इंसानों पर बेअसर है लंपी वायरस, उबाल कर पी सकते हैं दूध
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। लंपी वायरस को लेकर तमाम तरह की भ्रांतियां लोगों में फैली हुई है। लोग संक्रमित गोवंश का दूध पीने से डर रहे हैं। ग्रामीण अंचल में यह भ्रांति कुछ ज्यादा ही है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (सीवीओ) डॉ. अनिल कुशवाहा ने बताया कि यह सिर्फ भ्रांति है। इसमें कोई सच्चाई नहीं है। लंपी वायरस इंसानों पर बेअसर है। संक्रमित गोवंश का दूध उबाल कर पी सकते हैं।
उन्होंने बताया कि वायरस का असर दूध में दिखाई देता है, लेकिन इसे पूरी तरह से खत्म किया जा सकता है। संक्रमित गायों का दूध इस्तेमाल करने से पहले अच्छी तरह से उबाल लें। ऐसा करने से वायरस पूरी तरीके से खत्म हो जाते हैं। इस दूध को पीने से इंसानों को कोई नुकसान नहीं होगा। कच्चा दूध पीने से परहेज करें। संक्रमित गोवंश दूध कम देती हैं। इससे पशुपालक परेशान न हों। जब गोवंश बीमार होगी तो वह चारा नहीं खाएगी या कम खाएगी। ऐसे में कम दूध देना स्वभाविक है।
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344 गोवंश अभी भी संक्रमित
लंपी वायरस से जिले में अब भी 344 गोवंश संक्रमित हैं। अब तक 277 ठीक हो चुके हैं। एक की मौत भी हुई है। सीवीओ ने बताया कि शनिवार को आठ गांवों में 13 मवेशी संक्रमित मिले हैं। अब तक 159 गांवों में संक्रमित मवेशी मिल चुके हैं। करीब 71 हजार मवेशियों को टीका लगाकर प्रतिरक्षित किया जा चुका है। 20 हजार मवेशियों को अब तक लगाया जाना बाकी है।