- मंगलवार तक बैराजों से छोड़े गए पानी का असर पहुंचने की उम्मीद
- रविवार शाम को थम गई थी सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने की रफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती/ दुबौलिया। जिले के दक्षिणी इलाके में मंडरा रहा बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है। हालांकि, रविवार को चार बजे जलस्तर में इजाफा रुका हुआ था। मगर, नदी में बैराजों से छोड़े गए पानी का असर पहुंचने के बाद के हालात को लेकर बंधे के आसपास बसे लोगों की नींद उड़ी हुई है।
36 घंटे के भीतर पानी का असर पहुंचने की उम्मीद है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या कार्यालय के अनुसार, रविवार शाम 4 बजे जलस्तर 91-450 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी के निशान 91.73 से नीचे है। खतरे का निशान 92.73 मीटर है। शनिवार को भी गिरिजा बैराज से एक लाख, 15 हजार 127, शारदा बैराज से 10 हजार 485 और सरयू बैराज 4 हजार 312 क्यूसिक पानी छोड़ गया है। इस प्रकार, तीनों बैराजों से 1 लाख 29 हजार 924 क्यूसिक पानी शनिवार को छोड़ा गया है। इससे पहले भी एक लाख 53 हजार क्यूसेक पानी सरयू में छोड़ा गया था। अनुमान है कि सोमवार रात या मंगलवार को उसका असर यहां दिखाई देगा।
हालांकि, रविवार की सुबह से ही सरयू का जलस्तर घटने लगा था। इससे तटबंध वा नदी के बीच बसे दर्जनों गांव के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। वैसे अभी पानी गांव की तरफ बढ़ा भी नहीं था। विशुनदासपुर अनुसूचित बस्ती के पास निर्माणाधीन दोनों ठोकरो पर बोल्डर पिचिंग का कार्य जारी है। गौरा-सैफाबाद तटबंध पर करीब पांच सौ मीटर में दबाव बना हुआ है। गौरा-सैफाबाद तटबंध के अवर अभियंता विजय प्रकाश ने बताया कि हालात सामान्य हैं। तटबंध पर लगातार निगरानी की जा रही है।