बस्ती। चिलचिलाती धूप व भीषण गर्मी के चलते डायरिया, डिहाइड्रेशन और फूड पॉइजनिंग के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ गई है, जिससे जिला अस्पताल में इमरजेंसी समेत कई वार्ड फुल हो गए हैं। अस्पताल में रोजाना 25 से 30 मरीज भर्ती हो रहे हैं, जिनमें कुछ की हालत डायरिया के चलते गंभीर बताई जा रही है। ओपीडी में सुबह से कतार लगी रही।
तेज धूप और गर्मी से डिहाइड्रेशन, डायरिया और फूड पॉइजनिंग के मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है। इससे इमरजेंसी के बेड फुल चल रहे हैं। रोजाना 30 से अधिक मरीज इमरजेंसी में भर्ती हो रहे हैं। पांच से आठ घंटे तक उपचार के बाद मरीजों की सेहत में सुधार होने पर डिस्चार्ज किया जा रहा है। जिला अस्पताल के ईएमओ डॉ. एके सिंह के अनुसार, इमरजेंसी में 30 बेड हैं। मेडिकल वार्ड में भी 30 बेड हैं। बीते सप्ताह से भीषण गर्मी से उल्टी-दस्त, पेट में दर्द, डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) और फूड पॉइजनिंग के मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है। रोजाना भर्ती हो रहे मरीजों में से दो से तीन की हालत गंभीर मिलती है। बाकी के मरीजों को कुछ घंटे के उपचार के बाद सुधार होने पर डिस्चार्ज किया जा रहा है। दस्त के मरीजों की संख्या सबसे ज्यादा है। इसमें धूप में काम करने वाले लोग अधिक हैं।
बाल रोग विभाग के डॉ. पीएस पटेल ने बताया कि तेज धूप और गर्मी में स्कूल भी चल रहे हैं। शादी-समारोह में बच्चे तला-भुना खा रहे हैं। इससे तेज बुखार के साथ उल्टी, दस्त और पेट में दर्द की मामले बढ़े हैं। पर्याप्त पानी न पीने से डिहाइड्रेशन भी हो रहा है। प्रतिदिन ऐसे 10-12 बच्चे भर्ती हो रहे हैं। इनमें एक-दो की हालत गंभीर मिल रही है। 24 बेड का बच्चा वार्ड फुल चल रहा है। अधिकांश बच्चे उल्टी-दस्त व बुखार के हैं। विभाग के अनुसार, मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अतिरिक्त 30 बेड की व्यवस्था की जा रही है। फिजीशियन डॉ. संतोष कुमार का कहना है कि डायरिया व डिहाइड्रेशन व पेट में मरोड़ वाले मरीज दोगुना हो गए हैं। कई उपचार के बाद स्वस्थ हो जा रहे, तो कई को भर्ती करना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार को ओपीडी में 1035 मरीजों ने परामर्श लिया। अधिकांश मरीज चिल्ड्रेन वार्ड व मेडिसिन वार्ड के रहे।
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मरीज गर्मी में इन बातों का रखें ध्यान
- बच्चों को सुबह-शाम ही बाहर निकलने व खेलने दें।
- दो बोतल पानी देकर बच्चों को स्कूल भेजें, ओआरएस मिला सकते हैं।
- तरबूज, खरबूज, संतरा, अंगूर समेत रसदार फल खाएं।
- सलाद अधिक खाएं, रात में मैदा से बना भोजन करने से बचें।
- सुबह नाश्ता करके ही बाहर निकलें, नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें।
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मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बेड की संख्या बढ़ा दी गई है। डायरिया से बचाव संबंधी दवाएं पर्याप्त हैं। चिकित्सकों को भी निर्देश दिए गए हैं कि मरीजों को बेहतर ट्रीटमेंट प्रदान करें, ताकि कोई असुविधा न हो।
- डॉ. खालिद रिजवान अहमद, एसआईसी, जिला अस्पताल, बस्ती।
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