बासी भोजन में आ सकती है खराबी, सेहत को पहुंचा सकता है नुकसान
संवाद न्यूज एजेंंसी
बस्ती। तीखी धूप व कभी बदली तो कभी उमस भरी गर्मी ने लोगों को परेशान कर दिया है। इसका असर सेहत पर है। अस्पताल में मरीज भरे पड़े हैं। डायरिया से लेकर बुखार तक के मरीज इलाज करा रहे हैं। एलोपैथ और होम्योपैथ के अलावा आयुर्वेद व घरेलू उपचार भी लोग कर रहे हैं।
मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी मरीजों से भरी पड़ी थी। 70 वर्षीय राधेश्याम डॉक्टर के चैंबर में खड़े हांफ रहे थे। डॉक्टर ने कुर्सी पर बैठाकर मर्ज पूछा तो ने बताया कि पेट में भारीपन महसूस हो रहा है। भूख नहीं लग रही है और कमजोरी के चलते खड़ा होने में भी दिक्कत आ रही है। डॉक्टर ने घर में नमक, चीनी व पानी का घोल या ओआरएस का घोल पीने की सलाह दी। साथ में सलाद खाने की भी सलाह दी। उनके पीछे खड़ी किरन ने बताया कि तीन दिन से उल्टी दस्त से पीड़ित हैं। दवा से अब आराम तो है, लेकिन गैस और खट्टी डकार आ रही हैं। इस तरह के मरीजों से अस्पताल भरे हुए हैं।
जनरल फिजिशियन डॉ. अंकित चतुर्वेदी बताते हैं कि तेज धूप में पसीना अधिक निकलता है, इसलिए पानी अधिक पीना चाहिए साथ ही खीरा- ककड़ी आदि का सलाद सेहत के लिए ठीक रहता है।
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खुले में रखा न खाएं, कटे फल बीमारी का घर
मेडिकल कॉलेज के एमडी मेडिसिन डॉ. रजत पांडेय ने कहा कि यह मौसम संक्रामक बीमारियों के लिए संवेदनशील है। ऐसे में बुखार व उल्टी दस्त डायरिया के मरीज अधिक आ रहे हैं। इस मौसम में बासी भोजन व खुले में रखा भोजन का सेवन कतई न करें, सड़क पर खुले में बिक रहे कटे फल अथवा बर्फ पानी प्रयोग न करें। यह सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है।