गेहूं की खरीद के लिए सरकार का प्रयास रंग ला रहा है लेकिन कटाई में देरी से खरीद ठहर गई है। अब तक खाद्य विभाग और अन्य एजेंसियों ने कुल 865 एमटी की खरीद की है। इसमें सर्वाधिक खाद्य विभाग की 541 एमटी जबकि दूसरे नंबर पर पीसीएफ ने 240 एमटी तथा तीसरे पर एफसीआई ने 84 एमटी गेहूं की खरीद की है।
कर्मचारी कल्याण निगम व यूपी स्टेट एग्रो ने 10 दिन बाद भी एक दाना गेहूं नहीं खरीदा है। यह अलग बात है कि पीसीएफ के अब तक 84 सेंटर सक्रिय ही नहीं हैं, मगर अन्य सेंटरों ने भरपूर खरीद की है। गेहूं खरीद को लेकर सरकार ने इस बार नई व्यवस्था बनाई है। इसके तहत वही किसान गेहूं बेच सकेगा, जिसने खाद्य रसद विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कराया है। जिले में कुल 135 सेंटर खरीद के लिए बनाए गए हैं, जिसमें खाद्य विभाग के 14, पीसीएफ के सौ, कर्मचारी कल्याण निगम, एफसीआई के दो-दो, यूपीस्टेट एग्रो का एक जबकि पंजीकृत समितियों के 16 केंद्र भी जिले में संचालित किए जा रहे हैं। यह समितियां एक अप्रैल से 30 जून तक खरीद करेंगी। यहां कुल 61700 मीट्रिक टन का लक्ष्य तय है।
बारिश ने डाली बाधा
मड़वानगर के किसान राममूरत, भृगु चौधरी कहते हैं कि गेहूं कटाई शुरू करा दी गई थी, मगर सोमवार को हुई बरसात के चलते इसमें बाधा आ गई है। यही नहीं जो गेहूं काट कर रखा गया है वह भी बारिश के चलते भीग गया। ऐसे में उसे सुखाने के बाद ही मड़ाई कराई जाएगी।
डिप्टी आरएमओ बोले
जिला विपणन अधिकारी गोरखनाथ त्रिपाठी ने कहा कि गेहूं खरीद में बारिश ने बाधा डाल दी है। क्योंकि जो गेेहूं कट गया था और मड़ाई हो रही थी वह भीग गया, इससे उसमें 14 प्रतिशत तक आर्द्रता आ गई है। ऐसे में यह गेहूं रिजेक्ट हो जाएगा। इसलिए किसानों को यह बताया गया है कि वे गेहूं को सुखाकर ही लाएं, जिससे उनका उत्पाद नमी के चलते रिजेक्ट न हो। उन्होंने यह भी कहा कि चूंकि अभी उस गति से गेहूं की आमद नहीं हो पा रही है। ऐसे में पीसीएफ 26 केंद्रों को सक्रिय किया है, लेकिन 15 अप्रैल के बाद सभी केंद्र सक्रिय हो जाएंगे और गेहूं खरीद का ग्रॉफ भी बढ़ जाएगा। लक्ष्य से अधिक की खरीद होगी।