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Basti News: आराधना को छटपाटते देख मरीजों का कांप जाता था कलेजा

Fri, 20 Sep 2024 02:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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- दस दिन पहले महिला का लखनऊ में हुआ था आंत का ऑपरेशन
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- घर पर तबीयत बिगड़ने पर परिजन दोपहर में लेकर पहुंचे थे ओपेक चिकित्सालय कैली

संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। मेडिकल कॉलेज के सर्जिकल वार्ड नंबर तीन के बेड संख्या छह पर भर्ती आराधना (30) को दर्द से छटपटाते देख दूसरे मरीजों व तीमारदारों का कलेजा बैठा जा रहा था। पास में खड़ी मां और भाई दौड़-दौड़कर स्टाॅफ नर्स और डाॅक्टर से उसकी पीड़ा कम करने की बिनती कर रहे थे। मगरए कोई फायदा नहीं हो रहा था। एक बार फिर उसकी मां डाॅक्टर के पास दर्द कम करने का कुछ उपाय करने के लिए गई थीं। मगर, लौटकर आने तक आराधना हार मान चुकी थी। शायद उसने घुट-घुटकर मरने से मौत को गले लगा लेना बेहतर समझा।
भानपुर कस्बे की रहने वाली आराधना की मां सुशीला और भाई राम विलास ने बताया कि कुछ दिनों से उसकी आंत सूख गई थी। इलाज चल रहा था। लखनऊ में महिला के आंत का ऑपरेशन हुआ। दो दिन पहले उसे घर लाया गया। शरीर में मल और मूत्र त्यागने के लिए अलग-अलग नली लगाई गई थी। कस्बे के उसके पड़ोसियों ने बताया कि बृहस्पतिवार की सुबह उसकी तबीयत फिर खराब होने लगी। मां सुशीला उसे लेकर सीएचसी पर गई। वहां डाॅक्टर ने कुछ दवा देकर जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी। वहां से यह लोग मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। डाॅक्टर डीके पाल के अनुसार, वह हालत देखकर भर्ती नहीं करना चाहते थे। मगर, परिवार के लोगों के काफी अनुनय-विनय के बाद भर्ती कर लिया।
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मां सुशीला देवी के अनुसार शाम 6 बजे के लगभग अचानक उसे असहनीय दर्द होने लगा। वह डॉक्टर बुलाने के लिए स्टॉफ रूम में चली गई। भाई वार्ड के बाहर खाना खा रहा था। इसी बीच बीमार महिला बगल में बैठी एक महिला को बोतल से मारते हुए बाथरूम में गई। कुछ देर बाद जब मां लौटी तो उसे बेड पर नहीं देखा। बाथरूम में छटपटाने की आवाज आई। इसके बाद शोर मचाने पर उसे लोग बाथरूम से मृत अवस्था में बाहर निकाले। पुलिस को अभी किसी तरफ से कोई प्रार्थनापत्र नहीं दिया गया है।
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तमाशबीन बनकर खड़ी रही भीड़
- आंख के सामने बेटी की तड़फकर मौत होते देख चुकी सुशीला के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। आक्रोश भरे लहजे में वह बोल रही थी कि जब उसकी बेटी बाथरूम में छटपटा रही थी तो उसके डॉक्टर, स्टाॅफ नर्स और वार्ड के तमाम लोगों से बिनती करती रही कि कोई उसकी मदद करे। कोई उसकी बेटी को सहारा देकर बाथरूम से निकालकर बेड पर लाने में मदद करे। मगर, सब लोग तमाशबीन बने रहे। किसी ने भी मदद नहीं की।

पतली सी डोरी से की आत्महत्या
- मां के अनुसार बाथरूम में लटकी हुई एक डोरी में उसके गले में पड़ी थी। जिससे उसकी बेटी ने फंदा लगाकर आत्महत्या किया। हालांकि पतली सी रस्सी से फंदा लगाकर आत्महत्या करने की बात को लोग तर्कसंगत नहीं मानते हैं। मगर उसे बाथरूम से निकालकर लाने वाली मां का दावा है कि उसी रस्सी से उसकी बेटी ने आत्महत्या की। इसकी वजह पूछने पर मृतका की मां सुशीला और भाई राम विलास का कहना है कि उसे इतना ज्यादा दर्द था कि सहन नहीं कर पाई। पुलिस भी मानती है कि उसने आत्महत्या की है।

- वार्ड में पहुंचे प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार और सीएमएस डॉ. समीर श्रीवास्तव ने बताया कि परिजनों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार महिला बेड पर से उठकर बाथरूम में गई। वहां एक डोरी लटकती हुई पाई गई है। बताया जा रहा है कि महिला ने डोरी का इस्तेमाल कर आत्महत्या कर ली है। इसकी जांच की जाएगी।
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सीओ सिटी सत्येंद्र भूषण त्रिपाठी ने बताया कि मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पंचनामा करके डाक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया जाएगा। उसकी वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। प्रथम दृष्ट्या दर्द से परेशान होकर आत्महत्या की बात सामने आ रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे निर्णय लिया जाएगा।
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