गौर। दिल्ली से एक्सप्रेस ट्रेन से नाबालिग बेटी के साथ बिहार जा रहे पिता को ट्रेन में किसी ने नशीला पदार्थ सुंघा दिया। जिससे वह अचेत अवस्था में हो गए और वह बिहार के बजाय बेटी को लेकर गौर रेलवे स्टेशन पर उतर गए।
स्टेशन से धीरे-धीरे पैदल गौर बाजार के चकचई ओवरब्रिज के पास पहुंच गए। जहां से गौर पुलिस उन्हें थाने ले गई और अस्पताल में उपचार कराया और परिजनों को सूचना दी।
जानकारी के अनुसार यात्री चंदेश्वर महतो अपने साथ नाबालिग बेटी नंदिनी (17) के साथ रविवार को दोपहर में दिल्ली रेलवे स्टेशन से किसी एक्सप्रेस ट्रेन से बिहार के सिवान जिला के ग्राम बिरती थाना चैनपुर जा रहे थे। सफर के दौरान ट्रेन में किसी ने चंदेश्वर महतो को नशीला पदार्थ सुंघा दिए। जिससे वह अचेत अवस्था में हो गए।
हल्का-फुल्का होश आने पर वह बेटी को लेकर सोमवार को दोपहर में गौर स्टेशन पर उतर गए और धीरे-धीरे वह गौर बाजार के पूरब चकचई ओवरब्रिज के पास पहुंच गए।
इस दौरान बेटी किसी दुकान पर कुछ सामान लेने के लिए चली गई। जब वह बेटी को अपने पास नहीं पाए तो घबरा कर एक नई की दुकान से कैंची हाथ में लेकर इधर-उधर भांजने लगे, इससे दो लोगों को चोट लग गई। तभी किसी ने गौर पुलिस को सूचना दे दिया। तत्काल सूचना मिलते ही गौर पुलिस मौके पर पहुंचकर पिता-पुत्री को थाने लाई और इलाज कराने के बाद भोजन-नाश्ता कराया। होश आने पर यात्री ने घटना के बारे में बताया। थानाध्यक्ष गौर अतुल कुमार अंजान ने बताया कि प्रथम दृष्ट्या यात्री के बताने के अनुसार ट्रेन में किसी ने नशीला पदार्थ सुंघा दिया था, जिससे उनकी हालत खराब हो गई थी और वह बिहार के बजाय गौर में उतर गए। शाम को परिवार के सदस्य व रिश्तेदार थाने पर आ गए थे, लिखा-पढ़ी करके परिजनों के साथ भेज दिया।