विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह।
बस्ती। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत सोमवार को भाजपा कार्यालय पर विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसके पहले शास्त्री चौक तक मौन पैदल यात्रा निकाली गई। इस दौरान विभाजन के दौरान अपने प्राण न्योछावर करने वाले बलिदानियों को श्रद्धांजलि दी गई। यात्रा के बाद सभागार में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें नमन किया गया। इस दौरान विभाजन की त्रासदी से जुड़े अभिलेखों की प्रदर्शनी भी लगाई गई।
मुख्य अतिथि एमएलसी एवं प्रदेश उपाध्यक्ष डाॅ. धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि तत्कालीन अविभाजित भारत के 1946–47 के दौरान हुई हिंसा और दंगों की व्यापकता व क्रूरता ने मानवता पर गहरे प्रश्न चिह्न लगाए हैं। विभाजन का दर्द केवल जीवन हानि तक सीमित नहीं था, बल्कि यह दूसरे धर्म की सांस्कृतिक और भौतिक पहचान को मिटाने का प्रयास भी था। उन्होंने कहा कि 14 अगस्त का दिन भारत और पाकिस्तान के बंटवारे की उस काली याद को संजोने का दिन है। भाजपा जिलाध्यक्ष विवेकानंद मिश्र ने कहा कि 1947 में आजादी मिलने के साथ ही हुए बंटवारे ने लाखों परिवारों को त्रासदी में धकेल दिया था। उस दर्दनाक इतिहास को याद करके राष्ट्र को मजबूत बनाना है। इस मौके पर सरदार प्रभुप्रीत सिंह, यशकांत सिंह, सुशील सिंह, पवन कसौधन, विश्वजीत सिंह, दयाराम चौधरी, रवि सोनकर, गोपेश्वर त्रिपाठी, राजेश पाल चौधरी, अनिल दुबे आदि मौजूद रहे।