ऊंचगांव जमोहे में महज 10 दिनों में डेंगू से ग्रसित चार लोग जीवन मौत के संघर्ष में फंसे हैै। गांव में दहशत है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों का कहना है कि मामला संज्ञान में ही नहीं है। इस लिए कोई टीम नहीं पहुंच सकी।
साऊंघाट ब्लॉक के ऊचगांव जमोहे के चन्दप्रकाश पांडेय पिपराइच में एसआई पद पर तैनात हैं। करीब15 दिन पहले छुट्टी में गांव आये थे। यहीं पर उन्हें बुखार हुआ लेकिन जबरन ड्यूटी पर चले गए। वहां हालत बिगड़ने पर गोरखपुर के दिव्याग हास्पिटल में भर्ती कराया गया। जहां प्लेटलेट्स 19000 हो गया था। इसी गांव के राजाराम मौर्या भी बस्ती के डॉक्टर एसपी चौधरी के यहां भर्ती कराए गए। जहां इनका प्लेटलेट़्स 24000 तक पहुंच गया था। इन्हीं के भाई पतिराम आज भी लखनऊ स्थित सहारा हास्पिटल में जिन्दगी और मौत से जूझ रहे हैं। इनका प्लेटलेट्स 11000हो गया था। चौथे पीड़ित गांव के ही त्रिजूगी नाथ पांडेय हैं। दो दिन पहले बुखार होने पर बस्ती कैली हास्पिटल मे भर्ती कराया गया जहां बुखार कंट्रोल नहीं होने पर डॉ. एके राय ने डेगूं की जांच कराई। जिसमें प्लेटलेट्स 24000 पाया गया। डेंगू वार्ड में भर्ती कर दिया गया है।ग्रामीणों ने बताया कि ऊंचगाव जमोहे ओरवाडा पीएचसी में आता है। जहां कोई चिकित्सक नहीं तैनात है। फार्मासिस्ट के भरोसे ही कार्य चल रहा है। इस संबंध में जब सीएमओ जेपी सिंह से बात हुई तो उन्होंने कहा मेरे संज्ञान में नहीं है। अब संज्ञान में आया है।मैं जिला मलेरिया अधिकारी को मौके पर भेज कर पता लगाता हूं।
कैथोलिया गांव पहुंची फागिंग टीम
टिनिच। सल्टौआ विकासखंड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टिनिच के कैथोलिया गांव में फागिंग कराई गई। गत दिन इसी गांव में डायरिया से भुआर राम की मौत हुई थी जिसको लेकर डिप्टी सीएमओ सीएल कन्नौजिया ने गांव का दौरा कर मौत का कारण गंदगी बताया था।एएनएम गीता देवी व आशा को आवश्यक निर्देश दिए थे। प्रभारी चिकित्साधिकारी से गांव में फागिंग करने को कहा था। शुक्रवार को सल्टौआ सीएचसी की टीम गांव जाकर फागिंग की।