फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पशुपालकों मंे दहशत

Sun, 31 Jul 2016 11:34 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
विज्ञापन
रामनगर ब्लाक के सकतपुर गांव मे पशुओ के बिमारी फैलने पर पशुपालन विभाग की पहुची टीम।
विज्ञापन
रामनगर ब्लॉक के ग्राम पंचायत सकतपुर के फकीर डीह में पिछले दो सप्ताह से पशुओं में फैली पीपीआर (पेस्टी डीपेस्टी रिम्यूनेन्ट) बीमारी से 37 बकरियां व एक भैंस मर गई। ग्राम प्रधान व पशुपालक बचे हुए जानवरों को बीमारी की चपेट में आने से बचाने को लेकर परेशान व गुस्से में हैं।
विज्ञापन


ग्राम प्रधान बाल चंद चौधरी व ग्रामीणों का कहना है कि जब जानवर बीमार होने लगे तभी दो सप्ताह पहले ही पशुचिकित्सालय रामनगर के चिकित्साधिकारी डॉ. महेश कुमार को इसकी जानकारी दी गई। लेकिन उन्होंने अस्पताल पर दवा न होने की बात कही। कहा कि इसके लिए जिले पर चिठठी लिखकर अवगत कराया जाएगा दवा आने पर ही कोई मदद हो सकेगी। बताया कि बीमारी का शुरुआती दौर में अस्पताल से कोई इलाज न हो पाने से बढती गई और अपने आस पास के जानवरों को भी चपेट में लेेेे लिया।

रविवार को मर रही बकरियों की संख्या बढ़ती देख ग्राम प्रधान ने इसकी सूचना मीडिया को दी तब जाकर पशु चिकित्सालय रामनगर की ओर से गांव में टीककरण के लिए दो लोगों की टीम भेजी गई। बीमारी ने दो पशुपालकों को पशुओं से विहीन कर लाखों  का नुकसान पहुंचाया है। इस बीमारी से जाकिर हुसैन की 11 बकरी, एक भैंस, इब्राहिम की आठ बकरी, वारिश अली की पांच बकरी, उस्मान अली की चार, ईदू की तीन, खलील व वकील की दो तथा बाबूलाल एवं असगर अली की एक-एक बकरी को चपेट में लिया है। एसडीएम के निर्देश पर गांव पहुंचे हल्का लेखपाल ने पशुपालकों से मिलकर हुए क्षति का आंकलन किया। 
विज्ञापन


इस बाबत पशुचिकित्साधिकारी रामनगर ने बताया कि गांव में पीपीआर बीमारी की जानकारी मिली है। इस बीमारी से जानवर के गोबर पतले हो जाते हैं दस्त होने लगता है। नाक से पानी आने के साथ ही मुंह भर जाता है तथा दाने निकल आते है। टीम को टीकाकरण के लिए भेजा गया है। शीघ्र ही टीकाकरण करा कर बीमारी को काबू कर लिया जाएगा। 
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें