गौरा-सैफाबाद तटबंध के करीब पहुंची सरयू की धारा
ग्रामीणों में मची खलबली, उच्चाधिकारियों को फोन पर दी सूचना
दुबौलिया (बस्ती)। सरयू नदी का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। कटान तेज होने से तटबंधों पर दबाव बढ़ गया है। इसे रोकने के लिए बाढ़ खंड मशक्कत कर रहा है। तटबंधों पर दबाव बढ़ने से तटवर्ती गांवों में दहशत बढ़ गई है। अतिसंवेदशील तटबंध कटरिया-चादंपुर पर नदी खजांचीपुर के सामने तेजी से कटान कर रही है। बांध पर कटान रोकने के लिए बाढ़ खंड बोल्डर की जगह मिट्टी भरी बोरियां लगा रहा है। उधर, गौरा-सैफाबाद तटबंध के करीब सरयू की धारा पहुंच गई है।
एडीएम की हिदायत के बाद शनिवार से पर बाढ़ खंड बंबू कैरेट से कटान रोकना शुरू कर दिया है। कटान बंजरिया, विशुनदासपुर का पुरवा, खजांचीपुर, खलवा गांव के पास खेती की जमीनों पर कटान करती हुई तटबंध की ओर बढ़ रही है। गौरा-सैफाबाद तटबंध पर बैरागल ग्राम पंचायत के टकटकवा मजरे के पास शनिवार भोर से ही भीषण कटान शुरू हो गई। देखते ही देखते नदी ने टकटकवा मजरे से दलपतपुर गांव तक कटान कर दिया। टकटकवा मजरे के ग्रामीणों को लगा अब उनका गांव अब कट जाएगा तो उन्होंने जिले के आलाधिकारियों को फोन कर गुहार लगाई। दोपहर बाद डीएम के निर्देश पर अधिशासी अभियंता दिनेश कुमार ने कटान रोकने के लिए मरम्मत कार्य शुरू कराया। मौके पर पहुंचे एसडीएम आनंद श्रीनेत ने टकटकवा गांव के पास मरम्मत कार्य का जायजा लिया और ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि मजरे को किसी कीमत पर कटने नहीं दिया जाएगा। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या ने बताया कि जलस्तर खतरे के निशान 92.73 मीटर से 90 सेंटीमीटर नीचे दर्ज किया गया है।
एडीएम ने अधिकारियों को लगाई फटकार
दोपहर बाद एडीएम रमेश चंद्र कटान का जायजा लेने दुबौलिया स्थित गौरा-सैफाबाद तटबंध के टकटकवा गांव पहुंचे। यहां हो रही कटान का जायजा लिया और कटान रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। इसके बाद वे अतिसंवेदनशील तटबंध कटरिया-चांदपुर स्थित खजांचीपुर पहुंचे। कटान रोकने के लिए कराए जा रहे कार्यों को देखकर नाराजगी जताई। उन्होंने तल्ख लहजे में कहा कि तत्काल बचाव के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं, अन्यथा जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर अधिशासी अभिंयता दिनेश कुमार मौजूद रहे।