दुबौलिया क्षेत्र के घाघरा नदी के किनारे गांव की छात्राएं नाव से पढ़ने के जाती हुई।
तीन दिन से उफनाई घाघरा का पानी गांवों से वापस नदी को लौटने लगा है। शनिवार सुबह जलस्तर 92.98 मीटर था जो कि शाम को घटकर 92.90 मीटर पर आ गया। बाढ़ खंड के अधिकारियों का कहना है कि घटती घाघरा भीषण कटान कर सकती हैं। हालांकि सुरक्षा के इंतजाम हैं।
शुक्रवार सुबह घाघरा का जलस्तर 92.990 पर था जो कि शाम को 93.020 पहुंच गया था। जिससे बाढ़ का पानी कल्याणपुर, भरथापुर, सहजौरा पाठक, भदोई, बाघानाला सहित तटबंध के अन्य गांवों में पहुंच गया था। बाढ़ खंड के अवर अभियंता ज्ञानप्रकाश जायसवाल का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है। जब तक नदी का पानी किनारे से ऊपर बह रहा है तब तक ठीक है। नदी के घटते ही कटान भीषण रूप ले सकता है। सबसे ज्यादा खतरा कल्याणपुर, भरथागांव, सहजौरा पाठक और बाघानाला को है। यहां बने छह स्परों को बोल्डर और ब्रिक रोड़े से मजबूत किया जा रहा है। शनिवार दिनभर मजदूर बांध की मजबूती में लगे रहे। एसडीएम हरिश्चंद्र सिंह समेत प्रशासनिक अधिकारी दिन में निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए। बताया कि अफसरों के आने जाने से गांव वालों का भरोसा कायम रहता है। महज 80 मीटर दूर मुख्य धारा के कारण लोगों में दहशत है। बाढ़ नियंत्रण के लिए दोनों समितियां विस्थापन की स्थित पर व्यवस्था बना रही हैं।
दुबौलिया प्रतिनिधि के मुताबिक चांदपुर, पारा के ठोकर तेजी से बैठ रहे हैं इन्हें सुरक्षित करने का काम और तेज कर दिया गया है । विशुदासपुर व खजानचीपुरवा के पास हुई कटान तेज होने से ग्रामीण सहमे हैं। गायघाट प्रतिनिधि के मुताबिक कलवारी थाना क्षेत्र के वीडी बांध से बैड़ारी एहतमाली गांव जाने वाले मार्ग पर बने पुल के पास शनिवार शाम पांच बजे बाढ़ के पानी मे बैड़ारी निवासी रामनिवास नायक पुत्र अम्बिका नायक की भैस पानी में घुसी और पुल मे जा फंसी । जिससे उसकी मौके ही मौत हो गई।