बस्ती। तीन दिन पहले बोरे में मिले शव का पंचनामा करने में दुबौलिया पुलिस की चूक सामने आई है। जिस लंबे बाल वाले शव को युवती मानकर पंचनामा किया गया और तीन दिन तक पुलिस पहचान कराने के लिए हाथपांव मारती रही, वह शव पुरुष का निकला। पोस्टमार्टम के लिए सील किया गया जब बोरा खोला गया तो पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टर और स्टाफ के लोग दंग रह गए। कुछ देर तक वे सोचते रहे कि इसका आखिर क्या किया जाए। चूंकि थाने से महिला मानकर पंचनामा हुआ था, इसलिए टीम ने पोस्टमार्टम न करने का फैसला किया। बताया जा रहा है कि दोबारा पुरुष का पंचनामा बनकर आएगा, तभी पोस्टमार्टम हो पाएगा। एसपी गोपाल कृष्ण चौधरी ने बताया कि ऐसी चूक कैसे हुई, इसकी जानकारी ली जा रही है।
दुबौलिया थाना क्षेत्र के गोकुलपुर गांव के निकट रविवार सुबह सरयू नहर की पुलिया के नीचे झाड़ में फंसे बोरे में एक शव मिला था। तेज दुर्गंध आने पर नित्यक्रिया के लिए गए ग्रामीणों ने बोरे में शव होने की आशंका में पुलिस को सूचित किया। थाने से करीब छह सौ मीटर दूर से मौके पर पहुंची पुलिस ने बोरी को खोलवाकर देखा तो हाथ पैर कपड़े की पतली पट्टी से बंधा हुआ था। पानी में रहने के कारण शव काफी फूल गया था और उसमें सड़न होने लगी थी। पुलिस ने बोरा खोलकर एक नजर देखा और बताया कि वह शव किसी युवती का है। जिसकी उम्र लगभग 24-25 वर्ष आंकी गई। शरीर पर लाल रंग का कुर्ता और सफेद लैगी या पायजामा जैसा कपड़ा देखा गया। पुलिस अधीक्षक कृष्ण गोपाल चौधरी ने भी मौके पर पहुंच कर जानकारी हासिल की।
चूंकि पहचान नहीं हो पाई थी, इसलिए पुलिस ने नियमानुसार 72 घंटे के लिए मुर्दाघर में शव रखवा दिया और सोशल मीडिया से लेकर अन्य तरीकों से पहचान कराने का प्रयास करने लगी। बुधवार को 72 घंटे की समयसीमा समाप्त होने के बाद जब पोस्टमार्टम करने के लिए डाक्टर ने शव को चीरघर मंगाया तो बोरा खोलने पर वह शव युवक का निकला।
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लंबे बाल के कारण भ्रमित हुई पुलिस
ऐसा लगता है कि शव के लंबे बालों की वजह से पुलिस भ्रमित हुई। पुलिस के सील किए गए बोरे में जो शव मिला उसके बाल लंबे थे। हालांकि दाढ़ी-मूछ भी है मगर पुलिस से यही चूक हो गई कि वह कायदे से देख नहीं पाई। सिर्फ बाल देखकर मान लिया कि शव युवती का है। माना जा रहा है कि लालरंग के कुर्ते से भी युवती का शव लगा होगा।
किसी साधू का लग रहा शव
इस तरह से हुलिया और हाथ में लिपटा माला देखने से लग रहा है कि वह शव किसी साधू का है। उसके गले में कसी हुई रस्सी लिपटी हुई है। ऐसा लगता है कि गला कसकर हत्या के बाद शव को बोरे में भरा गया होगा। कपड़े की पट्टी से हाथ और पैर एक साथ बांधा गया था।