चित्रकला कार्यशाला में चित्र बनातीं छात्राएं
बस्ती। कलाकृति के रूप में रंग व रेखाओं के माध्यम से अपनी अनुभूतियों को प्रस्तुत करना ही चित्रकला है।किसी भी चित्र को कलाकार ह्रदय की भावनाओं को रेखाओं के माध्यम से अंकित कर रंगों से सुंदर रूप प्रदान करता है। चित्रकला न सिर्फ़ एक विषय है बल्कि यह आत्माभिव्यक्ति एवं काल्पनिक मनोभावों को उकेरने का साधन भी है।
यह कहना है डॉ. रमा शर्मा का। वह मंगलवार को सरस्वती बालिका विद्या मंदिर रामबाग में राज्य ललित कला अकादमी की ओर से आयोजित चित्रकला कार्यशाला को संबोधित कर रही थीं। कहा कि यह मनुष्य की सहज प्रवृति रही है जिसके उदाहरण हमें प्रागैतिहासिक गुफा चित्रों से लेकर आधुनिक युग की चित्रकला तक दिखाई देते हैं। चित्रकला कार्यशाला संयोजक डॉ. रमा शर्मा ने बताया कि 22 मई से चित्रकला कार्यशाला आयोजित है। इसमें प्रतिदिन बालक-बालिकाएं चित्रकला की गहन जानकारी प्राप्त करते हैं एवं प्रदर्शन के माध्यम से चित्रकला की तकनीकी बारीकी को समझाया जाता है। मंगलवार का प्रदर्शन प्राकृतिक दृश्य चित्र बनाने पर केंद्रित रहा। इसमें छात्र-छात्राओं को प्राकृतिक दृश्य अंकित करने संबंधी धरातलीय नियमों की जानकारी देते हुए रंगांकन की प्रविधि पर प्रकाश डाला गया। शिक्षक सीबी सिंह नेछात्र-छात्राओं को कलात्मक तकनीकी जानकारी प्रदान की। इस मौके पर सुमित,सरिता शुक्ला, श्रेयशी, ईशा, प्रियांशी आदि उपस्थित रहे।