आयुक्त सभागार में कमिश्नर अखिलेश सिंह ने मंडलीय समीक्षा बैठक की।
बस्ती। मंडलायुक्त अखिलेश सिंह ने निर्माण कार्यों को लेकर सख्त रुख अख्तियार किया गया है। उन्होंने मंगलवार को आयुक्त सभागार में अधिकारियों के साथ निर्माण कार्यों की समीक्षा की। सीएनडीएस के एक्सईएन से स्पष्टीकरण तलब किया। निर्देश दिया कि कार्यदाई संस्थाओं के विभागाध्यक्ष नियमित रूप से निर्माण कार्यों का निरीक्षण करें। समय भीतर सभी कार्यों का उपभोग प्रमाण पत्र भी शासन को उपलब्ध कराया जाए।
आयुक्त ने कहा कि अधिकारियों को रिवाइज इस्टीमेट भेजने की प्रवृति से बचना चाहिए। यदि समय से कार्यों का टेंडर कर वर्कआर्डर जारी कर दिया जाए तो यह नौबत नहीं आएगी। इसमें देरी होने पर ही निर्माण कार्य समयावधि बढ़ती है। इस दौरान कार्यदायी संस्था सीएनडीएस के एक्सईएन की अनुपस्थिति पर आयुक्त नाराज हो गए। उन्होंने स्पष्टीकरण तलब करने का निर्देश दिया। कहा कि जिन निर्माण कार्य में भूमि संबंधी विवाद रोड़ा बन रहा हो उसकी जानकारी तत्काल संबंधित एसडीएम एवं जिलाधिकारी को दी जाए। इसके बाद भी यदि समाधान नहीं होता है तो प्रकरण से उन्हें अवगत कराया जाए। निर्देश दिए कि सर्किट हाउस के सामने सड़क चौड़ीकरण कार्य का इस्टीमेट कार्यदाई संस्था राजकीय निर्माण निगम तत्काल भेजवाए और अवशेष कार्यों को शीघ्र पूरा करें। आयुक्त ने कहा कि उनके निरीक्षण में अटल आवासीय विद्यालय के निर्माण कार्य की गुणवत्ता खराब मिली है। उन्होंने कार्यदाई संस्था पीडब्ल्यूडी को फटकार लगाई। कहा कि यदि नियमित रूप से निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया जाए तो कार्य की गुणवत्ता खराब नहीं हो सकती है। पीडब्ल्यूडी के निर्माण कार्यों का मंडलीय टास्क फोर्स द्वारा निरीक्षण किए जाने का निर्देश दिया। मिटीरियल की लैब में जॉच कराने को भी कहा। कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा घोषित परियोजनाओं को समय से पूरा कराए। बताया गया कि बस्ती में 11, संतकबीर नगर में 12 तथा सिद्धार्थनगर में 29 मुख्यमंत्री घोषणाओं की परियोजनाएं निर्माणाधीन है। उन्होंने अपूर्ण दो वृहद गोआश्रय स्थलों के निर्माण में तेजी लाने को कहा। शासनादेश के अनुसार निर्माण कार्यों की प्रारंभ होने से पहले, स्लैब डालते समय तथा कार्य समाप्ति पर वीडियोग्राफी कराने की नसीहत भी दी। बाढ संबंधी परियोजनाओं को 15 जून तक पूरा करने का निर्देश दिया। बस्ती में 8, सिद्धार्थनगर में 16 तथा संतकबीर नगर में 5 परियोजनाओं पर चल रहे कार्यों के स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए। बैठक का संचालन उपनिदेशक अर्थ एवं संख्या अमजद अली अंसारी ने किया। उन्होंने बताया कि मंडल में 50 लाख से अधिक लागत की 259 परियोजनाएं निर्माणाधीन है। जिसकी स्वीकृत लागत 1657.80 करोड़ है। इसमें से कुल 1262.66 करोड़ रुपये अवमुक्त हुआ है तथा 1082.38 करोड़ व्यय किया जा चुका है। जबकि 58.69 प्रतिशत कार्य भी पूरा किया जा चुका है। इस मौके पर सीडीओ जयेंद्र कुमार, संत कुमार, संयुक्त विकास आयुक्त पीके शुक्ल, डीडीओ अजीत श्रीवास्तव, अपर निदेशक स्वास्थ्य डा. एनके पांडेय आदि मौजूद रहे।