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बीत गए 13 दिन खरीद का ग्राफ शून्य पर ठहरा

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धान
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बस्ती। धान खरीद की तय तिथि पहली नवंबर है। इस बार खरीद की शुरुआत अच्छी नहीं रही। कारण सबसे पहले राइस मिलर्स संगठन ने आंदोलन का बिगुल फूंका। इसके बाद मैदान में सहकारी समितियों के सचिव उतर गए। अभी यह मामला चल ही रहा था कि सात नवंबर को अचानक विपणन निरीक्षक 13 सूत्री मांग को लेकर कामकाज ठप कर दिए और आंदोलन शुरू हो गया। खरीद शुरू हुए 13 दिन बीत गए हैं, मगर अब तक ग्राफ शून्य से आगे नहीं बढ़ सका है। हालांकि, विपणन निरीक्षकों से शासन स्तर पर वार्ता का दौर शुरू हो गया है, मगर अब तक कोई परिणाम नहीं निकल सका है। यह अलग बात है कि अधिकारी बातचीत को सार्थक बता रहे हैं, मगर हड़ताल वापस नहीं हो सकी है।
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जिले में इस बार धान खरीद के लिए 60 केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें सर्वाधिक 39 केंद्र पीसीएफ के हैं। इसके अलावा खाद्य एवं रसद विभाग के 14, यूपीसीयू के चार, कर्मचारी कल्याण निगम के एक जबकि एफसीआई का एक केंद्र संचालित है। जिले की 17 राइस मिलों को इस बार कुटाई के लिए संबद्ध किया गया है। यह हुई खरीद की व्यवस्था। शासन के खरीद में सर्वाधिक सहयोग करने वाले राइस मिलर इस बार व्यवस्थागत खामियों के विरोध में बांह चढ़ाए हुए हैं। दूसरी ओर पहली नवंबर से समिति के सचिव तीन सूत्री मांग को लेकर काम बंद कर हड़ताल कर रहे हैं। इसके बीच यूपी फूड एण्ड सिविल सप्लाइज एसोसिएशन ने भी सात नवंबर से हड़ताल शुरू कर दी और खरीद धड़ाम हो गई। कलवारी प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र स्थित क्रय केंद्रों पर अब तक तौल न शुरू होने से किसान इधर-उधर भटकने के लिए मजबूर हैं। किसान सहकारी सेवा समिति कलवारी पर ताला लटक रहा है। यहां बैनर भी नहीं लगा है जबकि खाद्य विभाग के क्रय केन्द्र कुसौरा में बैनर तो लगा हुआ किंतु तौल अब तक शुरू नहीं हुई।  
छावनी प्रतिनिधि के अनुसार हाट शाखाओं पर खरीद अभी तक शुरू नहीं हो पाई है। इसके चलते किसान अपना उत्पाद आढ़तियों के हाथों औने-पौने में बेचने के लिए मजबूर हैं। ब्लॉक क्षेत्र में राजकीय धान खरीद केंद्र की मात्र एक हाट शाखा अमोढ़ा में है। इस शाखा पर दस किसान अपना नंबर लगवाकर धान बेचने के लिए इंतजारी कर रहे हैं। हाट निरीक्षक की हड़ताल पर रहने के तमाम किसान धान बेचने को कौन कहे अपना नंबर भी नहीं लगवा पा रहे हैं।  बनकटी प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र में धान क्रय केंद्र सूने पड़े हैं। यहां बैनर के बजाय केंद्रों पर ताला लटक रहा है। सचिव रामशरण चौधरी ने बताया कि सचिव हड़ताल पर हैं। ऐसे में खरीद मुमकिन नहीं है। सल्टौआ प्रतिनिधि के अनुसार अब तक खरीददारी शुरू न होने से किसान परेशान हैं। साधन सहकारी समिति  भिरिया, दसिया केंद्र आज तक खुले ही नहीं हैं। केंद्र बंद होने के कारण क्षेत्र में बिचौलिए सक्रिय हो गए हैं। एडीओ कोऑपरेटिव रमाकांत शुक्ल का कहना है कि सचिवों की हड़ताल के कारण खरीदारी शुरू नहीं हो सकी है। मुंडेरवा प्रतिनिधि के अनुसार सहकारी समिति भैंसा, एकमा सहित सभी धान क्रय केन्द्रों पर ताला लटक रहा है। किसान क्रय केन्द्रों से निराश लौट रहे हैं।  डिप्टी आरएमओ गोरखनाथ त्रिपाठी ने कहा कि विपणन निरीक्षकों से शासन स्तर पर वार्ता चल रही है। संभव है कि मंगलवार की देर रात तक हड़ताल वापस हो जाए। धान खरीद हर हाल में कराई जाएगी।
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