फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गलत ढंग से बनाए गए संकुल प्रभारी हटेंगे

Sat, 16 Jul 2016 11:57 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
विज्ञापन
teacher - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
जिले में मानकों की परवाह न करते हुए तैनात किए गए संकुल प्रभारियों की तैनाती को निरस्त करने की तैयारी बीएसए कार्यालय ने शुरू कर दी है। अमर उजाला में छपी खबर को संज्ञान में लेते हुए एडी बेसिक डा. एसपी त्रिपाठी ने बीएसए को नियम विरुद्घ तैनात किए गए संकुल प्रभारियों को हटाने और उनके स्थान पर योग्य शिक्षक को नियुक्ति करने का निर्देश दिया है। इस पर बीएसए मनिराम सिंह ने शनिवार को सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से तैनात किए गए संकुल प्रभारियों की सूची मांगी है। साथ ही यह भी निर्देश दिया है कि संकुल प्रभारी उन्हीं शिक्षक को बनाया जाए जो जूनियर स्कूल के प्रधानध्यापक हैं। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि अगर किसी प्राइमरी स्कूल या अन्य न्याय पंचायत के शिक्षक को संकुल प्रभारी बनाया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बता दें आठ जुलाई के अंक में अमर उजाला ने ‘सीनियरों को ‘रेस्ट’ जूनियर बनाए जा रहे संकुल प्रभारी’ शीर्षक से  खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। 
विज्ञापन


जिले में 139 न्याय पंचायत हैं, नियम है कि प्रत्येक न्याय पंचायत में एक संकुल प्रभारी की तैनाती हो। इसके लिए सरकार ने जूनियर स्कूल के प्रधानाचार्य को को संकुल प्रभारी बनाने का निर्देश दिया। इसके पीछे सरकार की मंशा उन स्कूलों की गुणवत्ता सुधारने और स्कूलों के बीच समन्वय स्थापित करने की है। साथ ही अगर किसी स्कूल में किसी विषय के शिक्षक का अभाव है तो संकुुल प्रभारियों को उस स्कूल में जाकर बच्चों को पढ़ाना होता है। संकुल प्रभारियों की नियुक्ति खंड शिक्षा अधिकारी करते हैं। 
एडी बेसिक और बीएसए को निरंतर इस बात की शिकायतें शिक्षकों की ओर से मिल रही है कि खंड शिक्षा अधिकारियों ने लगभग 90 फीसदी शिक्षकों नियमों के खिलाफ संकुल प्रभारी बना दिया है। साथ ही 
विज्ञापन


इस बात की भी शिकायतें की गई कि नियम खिलाफ बनाए संकुल प्रभारी मूल दायित्वों का निर्वहन न करके बीईओ के निजी लाभ के स्रोत का हिस्सा बन रहे हैं। नियम विरुद्ध स्कूलों का निरीक्षण कर रहे हैं और इसी बहाने शिक्षकों का शोषण किया जा रहा है। शिक्षक नेता उदयशंकर शुक्ल ने बताया कि अधिकतर संकुल प्रभारी बीईओ के लिए सुविधा शुल्क एकत्रित करने का कार्य कर रहे हैं। बताया कि बीईओ ने अपने निजी लाभ के के लिए 90 फीसदी से अधिक नियम विरुद्ध संकुल प्रभारी बना दिया। बीएसए ने बताया कि बीईओ की रिपोर्ट आने के बाद उसका परीक्षण किया जाएगा। उसके बाद हटाने की प्रक्रिया निभाई जाएगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें