जेनरेटर प्लांट से शुरू हुई ऑक्सीजन की आपूर्ति
बस्ती। जिला अस्पताल में स्थापित ऑक्सीजन जेनरेटर प्लांट ने काम करना शुरू कर दिया है। ऑक्सीजन प्लांट की सुविधा वाला यह जिले का पहला अस्पताल बन गया है। इस प्लांट से लगभग 160 बेड पर सीधे ऑक्सीजन की आपूर्ति हो सकेगी। 990 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन उत्पादन की प्लांट की क्षमता बताई जा रही है। केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से कोविड की तीसरी लहर का सामना करने के लिए की जा रही तैयारियों में इसे एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है।
पीएम केयर फंड से जिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना की गई है। काम की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए प्लांट लगाने की जिम्मेदारी जहां डीआरडीओ को दी गई थी, वहीं इसके लिए बेस और शेड आदि बनाने का जिम्मा राजमार्ग निर्माण करने वाली एजेंसी एनएचएआई को सौंपी गई थी। टाटा कंपनी के इस प्लांट को इंस्टाल करने की जिम्मेदारी लखनऊ की एक फर्म को सौंपा गया था।
कंपनी के कर्मियों ने शुक्रवार शाम तक प्लांट को चालू करने के साथ ही अस्पताल स्टॉफ को इसे संचालित करने के लिए प्रशिक्षण भी दे दिया था। इसी के साथ प्लांट को अस्पताल प्रशासन को हैंडओवर करने की प्रक्रिया को भी पूरा किया गया। अस्पताल प्रशासन की ओर से प्लांट को संचालित करने के लिए शिफ्ट में स्टॉफ की ड्यूटी लगाई है। अस्पताल के जिम्मेदारों का कहना है कि सभी बेड तक ऑक्सीजन की पाइप लाइन दौड़ाने का काम पहले ही पूरा हो चुका था। अब इसे प्लांट से जोड़ दिया गया है। प्लांट ने पूरी तरीके से काम करना शुरू कर दिया है। कोविड की दूसरी लहर के दौरान सबसे ज्यादा समस्या ऑक्सीजन की किल्लत की थी। ऑक्सीजन की कमी के कारण कई मरीजों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। समय से व्यवस्था न होने से चिकित्सक लाचार हो गए थे।
कोविड के किसी भी संभावित मरीज को सबसे पहले जिला अस्पताल लाया जाता है, यहां पर उसे भर्ती कर कोविड की जांच की जाती है। जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उसे कोविड अस्पताल मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया जाता है। इस दौरान मरीज का इलाज जिला अस्पताल में किया जाता है। इसके अलावा ऐसे मरीज, जिनमें कोविड के लक्षण तो हैं, लेकिन उनकी कोविड रिपोर्ट निगेटिव है, उन्हें प्रिजेम्टिव कोविड मरीज के तौर अस्पताल में भर्ती कर इलाज किया जाता है। इस तरह के मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है। अस्पताल में ऑक्सीजन की अपनी व्यवस्था हो जाने के बाद इलाज में काफी सुविधा होगी। जिला अस्पताल के एसआईसी डॉ. आलोक वर्मा का कहना है कि प्लांट से ऑक्सीजन की आपूर्ति शुरू हो गई है। अब सिलेंडर पर निर्भरता कम हो जाएगी। इलाज में काफी सुविधा होगी।
जिला अस्पताल में शनिवार को ऑक्सीजन प्लांट का उद्घाटन भाजपा सांसद व राष्ट्रीय मंत्री हरीश द्विवेदी तथा विधायक सदर दयाराम चौधरी, विधायक संजय प्रताप जायसवाल, सीडीओ डॉ. राजेश प्रजापति और एसआईसी जिला अस्पताल डॉ. आलोक कुमार वर्मा ने किया। इसके साथ ही आमजन के इस्तेमाल के लिए इसे शुरू करा दिया गया।
सांसद ने कहा कि कोरोना की चुनौती अभी समाप्त नहीं हुई है। ऐसे में तीसरे वेब आने की आशंका जताई जा रही है। कोरोना की इस चुनौती से लड़ने की पूरी तैयारी सरकार ने कर रखी है। इसी कड़ी में जिला अस्पताल में ऑक्सीजन जेनरेटर प्लांट स्थापित कराया गया है। इसके अलावा ओपेक चिकित्सालय कैली में तीन तथा हर्रैया में एक और प्लांट की स्थापना का प्रस्ताव है, जिस पर लगातार काम चल रहा है। कैली में तो एक प्लांट पहुंच भी गया है। शीघ्र ही उसे भी स्थापित कर दिया जाएगा।