लहिलवारा गन्ना क्रय केंद्र से ओवर हाइट गन्ना ले जाते ट्राला(संवाद)
कप्तानगंज (बस्ती)। गन्ना लदे ओवरहाइट ट्रक और ट्राॅला राहगीरों के लिए खतरनाक साबित होते जा रहे हैं। गन्ना लदे ट्राॅला की चपेट में आने से कई लोगों की जान भी जा चुकी है। फिर भी जिम्मेदार आंख बंद कर सबकुछ देखकर रहे हैं।
कप्तानगंज थाना क्षेत्र के महुलानी, कप्तानगंज, गौरा, बरहटा, लहिलवारा, अकलाखोर, कल्यानपुर, महराजगंज आदि स्थानों पर गन्ना क्रय केंद्र हैं। इन केंद्रों से गन्ना लदे ओवर हाइट ट्रक और ट्राॅला से गन्ने की ढुलाई होती है। गन्ना क्रय केंद्रों पर ओवर हाइट ट्रक और ट्राॅला जब कप्तानगंज चौराहे से फोरलेन पर मुड़ते हैं तो मंजर काफी खतरनाक हो जाता है।
कभी-कभी गाड़ियां पलटते-पलटते बचती हैं। क्रय केंद्र बरहटा और लहिलवारा सबसे खतरनाक सेंटर के रूप में जाना जाता है। इन दोनों सेंटरों से जब गन्ना लदी गाड़ियां जब निकलती है तो रास्ता सकरा होने के कारण दो और चार पहिया वाहन नहीं निकल पाते हैं।
क्षेत्रवासी पवन मौर्या, राम हरीश वर्मा, राम अवतार ने बताया कि गन्ना लदीं गाड़ियां ओवरलोड होकर चलती हैं। इससे आए दिन हादसा हो रहा है। कई साल पहले गन्ना लदे ट्रॉला की चपेट में आने से कौड़ीकोल गांव के रहने वाले केशराम चौधरी की भवनापुर गांव के पास मौत हो गई थी। दो साल पहले पगार गांव के शिवकुमार तिवारी की बढ़यापुल भट्ठे के पास ट्राॅला से कुचलकर मौत हो गई थी। फिर भी इन मार्गों से ओवरलोड गन्ना लदीं गाड़ियां धड़ल्ले से दौड़ रही हैं।
इस संबंध में जब हर्रैया के एसडीएम सतेंद्र सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि जल्द ही ओवर लोडिंग और ओवर हाइट गाड़ियों पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं केएम शुगर मिल मसौधा (अयोध्या) के जीएम केन अनिल त्रिपाठी ने पल्ला झाड़ते हुए कहा कि उनके मिल के किसी भी ट्राॅले से दुर्घटना नहीं हुई है।