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Basti News: पुरानी बस्ती में नहीं बना ओवरब्रिज... किधर से निकले जब दोनों तरफ रेलवे क्राॅसिंग

Mon, 04 Dec 2023 01:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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पुरानी बस्ती रेलवे क्रसिंग पर लगा जाम।
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फोटो
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पुरानी बस्ती में रेलवे क्रॉसिंग पर जाम की समस्या ला-इलाज, 50 हजार की आबादी परेशान
पांडेय बाजार में सर्वे के बाद रद्द हुई ओवरब्रिज बनाने की योजना, शुगर मिल गेट पर भी वही हाल
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। शहर का आधा हिस्सा पुरानी बस्ती क्षेत्र जाम की जकड़न से उबर नहीं पा रहा है। रेलवे स्टेशन के पूर्वी और पश्चिमी केबिन के दोनों तरफ क्रॉसिंग है। ट्रेनों की आवाजाही से यह दोनों फाटक अक्सर बंद रहते हैं। व्यवसाय और आवासीय क्षेत्र के लोग इधर से उधर कैसे पहुंचे यह जटिल समस्या है। कोई पांडेय बाजार क्रॉसिंग पर जाम में उलझा है तो कुछ शुगर मिल गेट पर वाहनों के साथ फंसे रहते हैं। दोनों क्रॉसिंग पर बारी-बारी से ओवरब्रिज बनाने की कवायद छिड़ी, मगर अधूरी रह गई।
पांडेय बाजार रेलवे क्रॉसिंग के दोनों तरफ थोक एवं फुटकर की मंडी है। यहां आमजन की आवाजाही हर समय रहती है। इधर से उधर होने में रेलवे फाटक बड़ा अड़चन है। अक्सर यह बंद रहता है। दो व चार पहिया, ऑटो, ई-रिक्शा की लंबी लाइन लग जाती है। ठसाठस भीड़ जाम खुलने का इंतजार करती है। यहां पहुंचने वाले लोगों का क्रॉसिंग के जाम की वजह से समय बर्बाद हो रहा है। यदि शुगर मिल गेट से निकलने की कोशिश हुई तो यहां समस्या भी वही है। रेलवे फाटक यहां भी अक्सर बंद मिलता है। दोनों तरफ जाम की समस्या ला-इलाज है। करीब 50 हजार की आबादी इस समस्या से रोज जूझ रही है।
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पांडेय बाजार और शुगर मिल गेट पर शहरियों की भीड़ रेलवे फाटक पर दोनों तरफ खड़ी रहती है। यहां 24 घंटे में 65 ट्रेनों का आवागमन है। लोग फाटक खुलने के इंतजार में खड़े रहते हैं और ट्रेन नजर के सामने से गुजर जाती है। तब तक दूसरी ट्रेन का भी सिंग्नल मिल जाता है। इस बीच स्कूली बच्चे, दफ्तर जाने वाले लोग, टैक्सी गाड़ियों में बैठे दूरदराज से आने वाले लोग जाम में फंसे रहते हैं।
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पहले पांडेय बाजार में प्रस्तावित था ओवर ब्रिज
पांच साल पहले पुरानी बस्ती को जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने की कवायद तेज हुई थी। पांडेय बाजार में रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनाने का प्रस्ताव आया। रेलवे की निर्माण इकाई, सेतु निगम एवं पीडब्ल्यूडी की संयुक्त टीम ने सर्वे किया। मगर, सघन बस्ती होने के नाते मकान, दुकान को ज्यादा क्षति पहुंचने की रिपोर्ट प्रेषित हुई। उधर, कुछ स्थानीय नागरिक इस प्रस्ताव के विरोध में भी उतर आए। इसके बाद यहां ओवरब्रिज के निर्माण की हलचल बंद हो गई।
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शुगर मिल गेट पर ओवरब्रिज बनाने का दूसरा प्रयास भी अधूरा
छह माह पहले इस क्षेत्र के शुगर मिल गेट पर ओवरब्रिज बनाने का प्रयास आधा-अधूरा है। यहां सघन बस्ती नहीं है। रेलवे फाटक के दोनों तरफ रेलवे की खाली जमीन उपलब्ध है। प्रस्ताव तैयार करने के लिए सेतु निगम को जिम्मेदारी मिली। मगर, जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के चलते इस परियोजना को शासन से स्वीकृति नहीं मिल सकी है। प्रस्ताव शासन स्तर पर लंबित है। वर्ष 2023 में शुगर मिल गेट पर ओवर ब्रिज बनने का सपना साकार होता नजर नहीं आ रहा है।
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70 करोड़ रुपये का तैयार हुआ है प्रस्ताव
शुगर मिल गेट पर ओवरब्रिज बनाने के लिए 70 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस लागत से 592 मीटर लंबा ओवरब्रिज बनना है। जिस पर सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर होगी और दोनों तरफ आधा-आधा मीटर चौड़ी फुट रेलिंग बनेगी। यह प्रस्ताव अभी कार्ययोजना में शामिल नहीं हो सका है।
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कोट
शुगर मिल गेट पर प्रस्तावित ओवरब्रिज का प्रस्ताव तैयार कर शासन भेज दिया गया है। कार्ययोजना में शामिल होने के बाद प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
इं. राकेश कुमार, सहायक अभियंता, सेतु निगम
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पहले पांडेय बाजार में ओवरब्रिज बनना प्रस्तावित था। मगर, अपरिहार्य कारणों से इसे मुख्यालय ने निरस्त कर दिया। बाद में शुगर मिल गेट पर बनना निश्चित हुआ। इसकी जिम्मेदारी सेतु निगम को मिली है। वहां से कार्ययोजना बनकर आने के बाद ही कुछ स्पष्ट हो सकेगा।
हीरामन प्रसाद, आईओडब्ल्यू।
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पुरानी बस्ती क्षेत्र में जाम की समस्या से मैं भलीभांति अवगत हूं। इससे निजात दिलाने के लिए पांच साल से प्रयास चल रहा है। मेरे ही प्रयास पर शुगर मिल गेट पर ओवरब्रिज का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है। जल्द ही इसे स्वीकृति दिलाई जाएगी। शासन में लगातार पैरवी की जा रही है।
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हरीश द्विवेदी, सांसद
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मामला संज्ञान में नहीं है। यदि शुगर मिल गेट पर ओव ब्रिज बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है तो शासन से इसे स्वीकृति दिलाने का प्रयास किया जाएगा। सदन में आवाज भी उठाएंगे।
महेंद्र नाथ यादव, विधायक बस्ती सदर
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