संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। बार-बार चेतावनी के बाद आईजीआरएस मामलों के निस्तारण में अधिकारियों की रुचि नहीं बढ़ रही है। इसको लेकर डीएम रवीश गुप्ता ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। उन्होंने शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पाए जाने पर दो बीईओ और पांच एमओआईसी का इस माह का वेतन अग्रिम आदेश तक बाधित कर दिया है।
आईजीआरएस मामलों का गुणवत्तापूर्ण ढंग से निस्तारण न करना अधिकारियों को भारी पड़ गया। पिछले दिनों निर्देश के बाद भी खंड शिक्षाधिकारी (गौर) और सल्टौआ गोपालपुर एवं प्रभारी चिकित्साधिकारी (एमओआईसी) कप्तानगंज, परशुरामपुर, बनकटी, बहादुरपुर, रुधौली ने शिकायतों के निस्तारण में तत्परता नहीं बरती। डीएम के संज्ञान में यह मामला आया तो वह भड़क उठे।
उन्होंने जांच में पाया कि संबंधित अधिकारियों द्वारा शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण ढंग से निस्तारण नहीं किया गया है। इस आरोप में डीएम ने तत्काल प्रभाव से इन अधिकारियों का अगस्त माह का वेतन अग्रिम आदेश तक बाधित कर दिया है।
कहा कि पूर्व में चेतावनी दिए जाने के बावजूद भी अधिकारी सुधार नहीं ला रहे हैं। जन शिकायतों के निस्तारण में किसी भी तरह की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकरण में दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद ही निस्तारण करना है। इससे शिकायतकर्ता पूरी तरह से संतुष्ट होना चाहिए। यदि बिना शिकायतकर्ता के संज्ञान में मामले का निस्तारण किया गया ताे कार्रवाई होगी।