बस्ती। विकास कार्यों की आड़ में शहर की सड़कों और गलियों को जगह-जगह खोदकर छोड़ दिया गयाा है। महीनों से खुले पड़े गड्ढे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए मुसीबत बने पड़े हैं।
शहर में सिर्फ कंपनीबाग-बड़ेवन फोरलेन पर ही लापरवाही नहीं दिख रही है बल्कि रौता चौराहे से मड़वानगर तक प्रस्तावित नाले के लिए भी गड्ढे खोद कर छोड़ दिए गए हैं। सड़क किनारे बनाए जा रहे गहरे और चौड़े नालों पर स्लैब भी नहीं है। सावधानी के लिए न तो बैरिकेडिंग की गई है और न ही कोई रोक-टोक है।
बता दें कि शहर के हर क्षेत्र में जलापूर्ति पाइपलाइन बिछाने और नाला बनाने के नाम पर गड्ढे खोदे गए हैं। रौतापार से मड़वानगर के बीच नाला निर्माण के नाम पर सड़कें खोदी जा रही हैं। इसी प्रकार आवास विकास कटरा आंशिक में नाली निर्माण के लिए खोदाई कर मलबा सड़क पर छोड़ दिया गया है। यहां सुरक्षा के प्रबंध नहीं किए गए हैं।
आवास विकास मुख्य गेट के पास सड़क पर दो बड़े-बड़े गड्ढे खोदकर छोड़ दिए हैं। इससे हादसे का डर बना हुआ है। रोडवेज के पास जलकल की ओर से बना चेंबर भी ऊंचा होने से हादसे का खतरा बना हुआ है।
वहीं कंपनीबाग चौराहे पर नाला निर्माण पूर्ण होने के बाद ढक्कन नहीं लगाया गया है। ब्लॉक रोड इंट्री प्वाइंट पर ही अधूरा नाला है, नाला खुला होने से राहगीरों की सांसें अटकीं रहती हैं।
सुमित, राहुल, अमित सिंह ने कहा कि शहर में विकास कार्य के नाम पर जो गड्ढे खोदे गए हैं, उसे जल्द ढका नहीं गया या फिर निर्माण कार्य पूर्ण नहीं किए तो बड़े हादसे हो सकते हैं।
खुले नाले को भी ढक देना चाहिए। स्टेडियम कॉलोनी में जलापूर्ति पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़क किनारे गड्ढे खोदे गए हैं, जो राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं।